आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा को हटाने की मांग को लेकर आज शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के निवास जा पहुंचे। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने अपनी लंबित 36 सूत्रीय मांगों से मंत्री सिंह को अवगत कराते हुए विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियतिताओं को लेकर सरकार स्तर पर कार्यवाही की मांग उठाई।
संघ अध्यक्ष संजय यादव ने बताया कि पदौन्नति के 70 पदों को सरकार ने समाप्त कर दिया था, जबकि उक्त पदों की विश्वविद्यालय को आवश्यकता है। वहीं उक्त पदों के अचानक समाप्त किए जाने से उभरी तकनीकी अड़चनों के कारण सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों की पेंशन भुगतान में अनेक परेशानियां आ रही हैं।
इस मामले में अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा होता तो, ऐसी परिस्थितियों से कर्मचारियों को नहीं गुजरना पड़ता। संघ पदाधिकारियों ने कुलगुरु की प्रशासनिक दक्षता पर सवाल खडे़ करते हुए बताया कि जब से उन्होने ने आरडीयू में पदभार संभाला है,दिनों दिन हालात खराब होते जा रहे हैं।
परीक्षाएं और उनके परिणाम समय पर नहीं आ रहे हैं। शैक्षेणिक कलैंडर के लिहाज से आरडीयू करीब छह से आठ माह पीछे चल रहा है। यह देरी छात्रों के कई अवसरों को समाप्त कर रही है। कर्मचारी संघ तो अब कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा की योग्यता पर भी सवाल उठा रहा है। इस अवसर पर संघ सचिव अंकित श्रीवास, पूर्व संघ अध्यक्ष बैसाखू, रामसजीवन सोंधिया आदि मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि 6 अगस्त से लगातार कर्मचारियों का क्रमिक अनशन चल रहा है। अपने आंदोलन को व्यापक रूप देते हुए अब कर्मचारी संघ ने जनप्रतिनिधियों के दरवाजे पहुंचने का निर्णय लिया है।
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