आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। नगर निगम क्षेत्र के तहत बकाया कर वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। 1 लाख रुपए से अधिक का संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) बकाया रखने वाले बकायेदारों को धारा 173 व 174 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सूची में कई बड़े शासकीय कार्यालय और संस्थान भी शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है।

जोन में 18 बड़े बकायेदार, 7 शासकीय संस्थान शामिल
संभागीय अधिकारी नरेश शर्मा के अनुसार, जोन क्षेत्र में 1 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले कुल 18 बड़े मामले चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 7 शासकीय भवन और संस्थान हैं, जिन पर लगभग 36 लाख रुपए की कर राशि बकाया है। वहीं 11 अन्य निजी करदाताओं पर लगभग ₹32 लाख का टैक्स बकाया है।


नगर निगम की बकाया सूची के अनुसार प्रमुख शासकीय बकायेदार निम्नलिखित हैं-

अनुविभागीय अधिकारी (SDM) नई तहसील राँझी गोकलपुर: ₹1,80,540

मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (शासकीय मिनी विक्टोरिया हॉस्पिटल, गोकलपुर): ₹2,05,898

खेल एवं युवा कल्याण विभाग (न्यू स्टेडियम राँझी): ₹13,06,597

खेल एवं युवा कल्याण विभाग (इंडोर स्टेडियम राँझी): ₹84,137

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर (SBI बैंक शाखा): ₹7,14,972

प्राचार्य शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय: ₹2,77,437

सहायक यंत्री म.प्र.वि.मं. (शहीद भगत सिंह सब-स्टेशन): ₹8,15,943

(शासकीय संस्थानों पर कुल बकाया राशि: ₹36,05,524)

12 सितंबर की लोक अदालत में उपस्थित होने के निर्देश
संभागीय अधिकारी ने बताया कि आज 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के मद्देनजर सभी बकायेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोक अदालत में करदाताओं को शासन द्वारा निर्धारित छूट का लाभ दिया जाएगा। यदि बकायादार समय पर टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो वे मिलने वाली छूट से वंचित हो जाएंगे।