आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। कैंटोनमेंट जबलपुर में रसूखदार रक्षा मंत्रालय की जमीन पर लगातार अवैध निर्माण करते जा रहे हैं। हालात यह कि जिस निमार्ण पर पीपीई एक्ट की कार्यवाही चल रही है,उस पर कोर्ट से स्टे लेकर उसी भवन पर मंज़िल पर मंज़िल तानी जा रही है।ताज़ा मामला रक्षा संपदा विभाग (DEO) के प्रबंधन में आने वाले नर्मदा रोड स्थित 'पदम सेठ का बंगला-5' (सर्वे नंबर 79) का है, जहां प्रतिबंधित कैंट इलाके में रक्षा मंत्रालय की बेशकीमती जमीन पर बेखौफ होकर बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस सर्वे नंबर 78 के एक बड़े हिस्से में पहले अतिक्रमण कर आलीशान भवन तैयार किए गए और अब एक के बाद एक नए फ्लोर (मंजिलें) ताने जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन रक्षा संपदा विभाग और कैंट प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। सूत्रों की मानें तो उक्त निर्माण किसी हुसैन नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए सख्त नियम, रसूखदारों को 'हरी झंडी'?
इस पूरे घटनाक्रम ने रक्षा संपदा विभाग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां कैंट बंगला क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को अपनी जरूरत के मुताबिक एक छोटा सा बाथरूम या मरम्मत तक कराने की अनुमति नहीं मिलती और जरा सी आहट पर विभाग का अमला दलबल के साथ कार्रवाई करने पहुंच जाता है; वहीं दूसरी ओर रसूखदारों द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने के अवैध निर्माणों पर जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
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