आर्य समय संवाददाता जबलपुर/मंडला। मंडला नगर पालिका में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 15 लाख रुपए के बिल भुगतान के बदले 12 प्रतिशत की रिश्वत मांग रहे नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) गजानन नाफड़े को लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच है।
बिल भुगतान के एवज में मांगी थी 12% कमीशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जबलपुर निवासी आवेदक ज्ञानचंद बेन और उनकी पत्नी मंजू बेन शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं। उनकी फर्म (एम/एस पलक बेन) को मंडला नगर पालिका द्वारा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए एलइडी लाइट, फिटकरी सप्लाई, पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का ठेका मिला था।
आवेदक की पत्नी के पूर्व कार्य का ₹3,92,300 का भुगतान हो चुका था। जब ज्ञानचंद बेन अपने बकाया ₹15 लाख के भुगतान के लिए नगर पालिका सीएमओ गजानन नाफड़े से मिले, तो सीएमओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्नी के पूर्व में हुए भुगतान का 12 प्रतिशत हिस्सा बतौर रिश्वत देने पर ही बाकी के 15 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।
लोकायुक्त की जाल में फंसे 'गजानन'
सीएमओ द्वारा रिश्वत की लगातार मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जबलपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी सीएमओ गजानन नाफड़े 2 लाख रुपये की पहली किश्त लेने पर सहमत हो गया।
योजना के तहत, 25 सितंबर को लोकायुक्त की टीम ने परिषद कार्यालय मंडला में दबिश दी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी सीएमओ गजानन नाफड़े को रिश्वत के 2 लाख रुपये सौंपे, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त जबलपुर के निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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