एजेंसी, लखनऊ

मलेशिया में नौकरी के नाम पर यूपी के तीन इंजीनियर दोस्त ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हो गए। म्यांमार में तीनों युवकों को बंधक बनाया गया है, जहां उनके साथ बर्बरता की जा रही है। इतना ही नहीं उनसे 18-20 घंटे काम लिया जा रहा है और साइबर ठगी करवाई जा रही है। जब वे इनकार करते हैं तो उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक दिया जा रहा है। बाराबंकी निवासी अजय कुमार ने वीडियो भेजकर बर्बरता की दास्तां सुनाई है। उसके साथ लखनऊ का पंकज भी नजर आ रहा है, जबकि सागर चौहान के बारे में अजय कह रहा है कि उसे जेल में डाला गया है। वीडियो में वह कह रहा है कि चीन की कंपनी हैं, उनसे 18-20 घंटे साइबर फ्राड का काम करवाया जा रहा है। वीडियो आने के बाद से परिजन परेशान हैं और भारत सरकार से सभी को मुक्त कराने की अपील कर रहे हैं।  इनमें से दो दोस्तों ने वीडियो भेजकर परिवार और सरकार से वापस लाने की गुहार लगाई है। पीडि़तों में दो लखनऊ और एक युवक बाराबंकी का रहने वाला है। एक इंजीनियर से 8 लाख 15 हजार रुपए लेने के बाद भी उसे नहीं छोड़ा। रकम ट्रांसफर होने के बाद से इंजीनियर से परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।  इस मामले में डालीगंज में स्थित एंटी ह्यूमेन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।  एफआईआर में उसके दोस्त व एक मलेशिया एजेंट नामजद आरोपी हैं। फिलहाल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।