मणिपुर पुलिस का दावा है कि हमलावरों ने ड्रोन की मदद से लोगों पर हमला किया है.
पुलिस के मुताबिक़, गांव पर अचानक हुए हमले से लोग काफ़ी डरे हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स के ज़रिए इस हमले की जानकारी दी है. पुलिस ने हमले के पीछे कथित 'कुकी चरमपंथियों' पर संदेह जताया है.
ड्रोन के ज़रिए किया हमला,
पुलिस ने दावा किया है कि राज्य में ताज़ा हिंसा में अत्याधुनिक ड्रोन और आरपीजी (रॉकेट प्रोपैल्ड गन यानी कंधे पर रखकर रॉकेट दागने वाली गन) का इस्तेमाल किया गया है. ऐसे हथियारों का प्रयोग आमतौर पर युद्ध के दौरान किया जाता है. पुलिस के मुताबिक़ ड्रोन बम का इस्तेमाल आमतौर पर जंग के दौरान किया जाता है. सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के ख़िलाफ़ इसका इस्तेमाल एक बड़ा बदलाव है.
पुलिस का कहना है, "इस मामले में बेहतरीन ट्रेनिंग, तकनीकी विशेषज्ञता और मदद की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है."इस हमले के बाद राज्य के बड़े अधिकारी हालात पर क़रीबी नज़र बनाए हुए हैं और पुलिस किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है.पुलिस ने हमले में मृतक महिला की पहचान 31 साल की सुरबाला देवी के तौर पर की है. उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) ले जाया गया.
पुलिस ने कहा कि एक अन्य मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. ताज़ा हमले में दो पुलिस वाले और एक टीवी पत्रकार भी घायल हुए हैं.समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, चरमपंथियों ने पहाड़ी से कौट्रुक और पड़ोसी कदंगबंद के निचले इलाक़ों की तरफ अंधाधुंध गोलीबारी की. इससे कई घरों को भी नुक़सान पहुंचा है.
यह इलाक़ा पश्चिमी इंफाल में आता है. इसके ठीक पड़ोस में कुकी आबादी वाला पहाड़ी ज़िला कांगपोक्पी मौजूद है. अस्पताल के अधिकारियों ने बताया है कि रविवार को घायल हुए 9 लोगों में से पांच को गोली लगी है. जबकि चार लोग बम विस्फोट के कारण घायल हुए हैं.मणिपुर में डेढ़ साल से चली आ रही हिंसा में कुकी और मैतेई समुदाय एक दूसरे के आमने-सामने हैं.

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