आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर और आसपास के महाकौशल अंचल के मरीजों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। सेठ गोविंद दास शासकीय जिला चिकित्सालय (विक्टोरिया अस्पताल) में अत्याधुनिक नवनिर्मित एमआरआई जांच केंद्र (MRI Centre) का लोकार्पण सोमवार को किया गया। इस केंद्र के शुरू होने से अब मरीजों को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं जिला अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर-
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के लोक निर्माण (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उत्तम स्वास्थ्य ही उत्तम भविष्य का आधार होता है। विक्टोरिया अस्पताल में एमआरआई मशीन का शुरू होना केवल जबलपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण एवं अंतर-जिला क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले गरीब परिवारों के सामने बीमारी के समय गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत अब हर पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। विक्टोरिया अस्पताल में एमआरआई सुविधा से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के महंगे खर्च से बड़ी मुक्ति मिलेगी।
मंत्री राकेश सिंह ने उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सजगता से यह एमआरआई सुविधा अस्पताल में स्थापित हो सकी है। उन्होंने यह भी साझा किया कि आने वाले समय में विक्टोरिया अस्पताल का और अधिक उन्नयन किया जाएगा। साथ ही, जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में भी लगभग 1250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विस्तार की योजना तैयार है, जिससे पूरे महाकौशल अंचल का स्वास्थ्य ढांचा और मजबूत होगा।
मरीजों को क्या होगा फायदा
निजी सेंटरों की तुलना में बेहद रियायती और सुलभ दरों पर उच्च स्तरीय एमआरआई जाँच की सुविधा मिलेगी। अब मरीजों को गंभीर बीमारियों या चोटों की त्वरित जांच के लिए बड़े निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। योजना से जुड़े पात्र मरीजों को नियमानुसार रियायत/सुविधा प्राप्त होगी।लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक तथा अस्पताल का पैरामेडिकल स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहा।
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