आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र में लमकना शराब दुकान में शराब पीने के बाद 2 युवकों की असमय मौत हो गई। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दारू वालों ने घटिया एवं जहरीली शराब पिलाकर बच्चों को मार डाला। दुकान में एक-एक पॉव शराब पीने के बाद चंद मिनिट में दोनों लड़कों की मौत होने की विस्तृत जांच होनी चाहिए। सूचना पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने प्राथमिक जांच करते हुए मृतकों की लाशें पोस्टमार्टम के लिए भेजे हुए शराब दुकान के संचालित करने वालों से आवश्यक पूछताछ की है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।
जानकारी के मुताबिक लमकना गांव में धान का रोपा लगाने का कार्य चल रहा था, जिसके लिए गुरु जी गांव से 20 व्यक्तियों का दल सुबह लमकाना पहुंचा था। धान रोपाई के दौरान दोपहर में रज्जन चौधरी को सूचना मिली कि आपका लड़का धर्मेंद्र चौधरी 33 साल और उसका एक साथी लमकना कलारी के पास अचेत पड़े हुए हैं। सूचना पर साथी मजदूर मौके पर पहुंचे तो देखा कि धर्मेंद्र चौधरी की मौत हो चुकी थी और आकाश चौधरी पिता सुग्रीव चौधरी 28 साल तड़प रहा था। आकाश को उपचार के लिए तत्काल जबलपुर भेजा गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। बच्चों की मौत के बाद परिजन रज्जन चौधरी, आरती चौधरी, सुशील, राजन और प्रकाश आदि ने पुलिस से कहा कि किसी ने जहरीली शराब या फिर जहर देकर उन्हें मार दिया है।
शराब जहरीली कब होती है-
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य शराब में इथाइल अल्कोहल होता है, जो जानलेवा नहीं होता, लेकिन शराब में मेथेनॉल मिलाया जाए तो वो जहर बन जाता है। जब 15 एमएल से ज्यादा मेथेनॉल शरीर में पहुंच जाता है, वैसे ही वो शरीर में केमिकल रिएक्शन शुरू कर देता है। जब अल्कोहल की ज्यादा मात्रा शरीर में पहुंचती है तो लिवर इस प्रक्रि या को ठीक नहीं पूरा कर पाता. लिवर मेथिल अल्कोहल को फार्मिक एसिड और फॉर्मेल्डिहाइड में बदल देता है।

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