आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में कर्मचारियों के अनशन को खत्म करने के लिए प्रशासन ने हंटर चलाते हुए हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फरमान के आगे भी कर्मचारी घुटने टेकने को तैयार नही हैं। आज 26 वे दिन भी कर्मचारी विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर नारेबाजी करते नजर आए।

पूर्व संघ अध्यक्ष बैसाखू ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन जबरन कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। आंदोलन को अवैध घोषित करने की जगह कुलगुरू को चाहिए कि वे कर्मचारियों की मांगों पर विचार करें। कर्मचारियों से चर्चा कर विश्वविद्यालय के उन्नयन के मार्ग पर चले। कर्मचारियों के दमन से उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है।

हमारा धरना-अनशन जब तक चलता रहेगा,जब तक हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है। कर्मचारियों के द्वारा 17 सूत्रीय मांगों का पत्र पूर्व में ही कुलगुरू और कुल सचिव को सौंपा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरूवार को एक नोटिस जारी करते हुए कर्मचारियों के अनशन-प्रदर्शन और हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया था। साथ ही कर्मचारियों को चेताया गया था कि संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।