आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। संघ के धरने पर बैठने के बाद से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) प्रशासन में बैचेनी बढ़ गई है। यही कारण है कि धरना शुरू होने के चंद घंटों बाद ही प्रभारी कुलसचिव राजेद्र कुरारिया कर्मचारियों से चर्चा करने जा पहुंचे। लेकिन धरने पर बैठे संघ पदाधिकारियों का कहना था कि उन्हें अब आश्वासन ने नहीं ठोस निर्णय चाहिए। जिन मांगों पर विश्वविद्यालय स्तर पर निर्णय होने है उनके तत्काल आदेश जारी किए जाएं। वहीं 70 पदों के निरस्त किए जाने के मामले में कुलगुरू हमारे साथ खडे़ होकर शासन से आदेश रद्द करने पत्राचार करें। इधर, धरने के समर्थन देने वाले विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर कुलगुरू भड़के हुए हैं।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय झारिया ने बताया कि 17 सूत्रीय मांगों का जो पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा गया था। उस पर चर्चा के लिए प्रभारी कुलसचिव धरना स्थल पर आए थे। लेकिन वे किसी भी बिंदू पर ठोस निर्णय लेने की जगह महज आश्वासन दे रहे थे। जिसके चलते संघ को मजबूरन धरना आज भी जारी रखना पड़ा है। असल में कुछ दिनों पहले भी विश्वविद्यालय के हमारे साथी कर्मचारियों ने धरना दिया था, जिनसे प्रशासन ने 15 दिन का समय मांग आंदोलन खत्म करा दिया था। लेकिन उनकी मांगों पर आज तक कोई निर्णय नहीं हो सका। कुछ ऐसा ही खेल हमारे साथ भी खेला जा रहा है।

लेकिन इस बार कागज पर ठोस निर्णय होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। कर्मचारी संघ अध्यक्ष झारिया ने कहा कि 70 पदों के निरस्त किए जाने के प्रकरण को विश्वविद्यालय प्रशासन बडे़ ही हल्के ढ़ग से ले रहा है। जबकि उक्त मामला विश्वविद्यालय और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए ढुलमुल रवैये से काम नहीं चलेगा। विश्वविद्यालय के हित में सबको साथ खडेÞ होना पडेÞगा। इस अवसर पर पूर्व प्रांताध्यक्ष बंशबहोर पटेल, महासचिव सुखदीन कटारे,अनिल धनगर, बैसाखू मांझी,संजय यादव,रामसजीवन सोंधिया, तीरथलाल बर्मन आदि  उपस्थित थे। उच्च धरने में विशेष रूप से डोमा परिसंघ जबलपुर के  महासचिव मुक्तेश्वर राव, किशोरीलाल बढ़ेल नगर निगम से साथियों सहित उपस्थित हुए।