आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। जबलपुर जिले की पाटन तहसील के पौड़ी कला गांव में बीते 5 दिनों के अंदर चार मरीजों की मौत हुई है। जिसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लगातार गांव पर नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डायरिया से पीड़ित 22 मरीज पाए हैं। जिन्हें की पाटन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं कुछ मरीजों को गांव में ही दवाई देखकर इलाज किया जा रहा है। गांव में लगातार फैली संक्रामक बीमारी और ग्रामीणों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अब 24 घंटे के लिए गांव में तैनात है।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदर्श बिश्नोई के मुताबिक दो ग्रामीणों की हालत नाजुक होने के चलते उन्हें पाटन स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया है। विभाग की टीम ने गांव में आवश्यक दवाइयां और ओआरएस एवं जिंक टेबलेट वितरण कर गांव में नजर बनाए हुए हैं। बता दे कि गांव में दूषित पानी पीने से बीते एक सप्ताह के भीतर 50 से अधिक ग्रामीण बीमार हुए थे। जिसमें कुछ तो ठीक हो गये, लेकिन अभी भी 22 ग्रामीण डायरिया से पीड़ित है।
मंगलवार के समय मेडिकल कॉलेज की जांच टीम भी पौड़ी कला गांव पहुंची जहां उन्होंने पांच जगह से स्टूल सैंपल लिए। इसके अलावा ग्रामीणों के ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर पीएचई विभाग को भी सूचना दी है। इसके बाद गांव में 15 जगह से पानी का सैंपल लिया गया है। जिला बड़ों का कहना है कि नल जल योजना से दूषित पानी घर-घर तक पहुंच रहा है। जिसकी चलते जाए मुझे बीमार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सर्वे के दौरान यह बात भी सामने आई है कि कुछ दिन पहले एक गंगाजली के पूजन कार्यक्रम में गांव के लोग शामिल हुए थे। इस दौरान परोसी गई मिठाई में गड़बड़ी मिलने की शिकायत हुई थी। यह मिठाई गांव में नजदीकी पिपरिया से एक व्यापारी से ली गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने व्यापारी के घर से खोवा का सैंपल लिया है और जांच के लिए लैब भी भेजा है।
इसके अलावा मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम ने पौंडी खुर्द गांव के अलावा अंबाला पिपरिया हरदुआ पहुंचकर 243 घरों का सर्वे किया।

Continue With Google
Comments (0)