आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। गिद्ध को प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में भी जाना जाता है। गिद्ध के बिना स्वच्छ भारत का सपना संभव नहीं है। ये मृत पशुओं के शवों को खाकर पर्यावरण की सफाई का कार्य करता है एवं संक्रमित मृत पशुओं का भक्षण कर के इनसे उत्पन्न होने वाले खतरनाक रोगों से मनुष्य की रक्षा करता है।
अत: वन विभाग द्वारा संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रदेश स्तर पर गणना कराकर आंकडे़ एकत्रित किए जाते हैं। वन वृत्त जबलपुर के अंतर्गत गिद्ध गणना वर्ष 2025 हेतु कार्यशाला का आयोजन 31 जनवरी को सामाजिक वानिकी वृत्त कार्यालय, ग्वारीघाट जबलपुर में किया गया। जिसमें वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल से मास्टर ट्रेनर मोहनदास नागवानी के द्वारा गिद्धों की पहचान एवं प्रजातिवार गणना करने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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