आर्य समय संवाददाता जबलपुर। नगर पालिक निगम जबलपुर अंतर्गत संचालित रैनबसेरा में अवैध रूप से पैसे के लेन देन की शिकायत पर पुलिस ने सेफ एप्रोच संस्था के सुपरवाइजर पर एफआईआर दर्ज की है। पहली बार रैन बसेरा में वसूली करने वालों पर इतनी सख्त कार्रवाई की हो।

जबलपुर के थाना प्रभारी सिविल लाइन ने बताया कि गुरुवार 10 दिसंबर की रात्रि तहसीलदार रांझी सम्भाग राजीव मिश्रा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें नगर पालिक निगम जबलपुर अंतर्गत संचालित रैनबसेरा में अवैध रूप से पैसे के लेन देन की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसके संबंध में जांच उपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

जांच में पाया गया कि सेफ एप्रोच संस्था के सुपर वाइजर द्वारा आश्रय स्थल में आने वाले लोगों से पैसे लिये जाने के निर्देश दिए गए थे। जिसके पालन में केयरटेकर द्वारा आश्रय स्थल में रुके हुए कुछ लोगों से नगद ऑनलाइन पैसे प्राप्त किया जाना स्वीकार किया गया। रैनबसेरा से जप्त किए गए रजिस्टर में उक्त अवधि में दर्ज लोगों को रेडम कलिंग कराई जाने पर 9 लोगों द्वारा रुकने के एवज में पैसे लिये जाने की पुष्टि की गयी है।

प्राप्त फोन पे एप से इस्टेटमेंट एवं जांच दौरान प्राप्त विभिन्न वीडियों में भी रैनबसेरा में रुकने हेतु 50 रुपये की मांग की जाना पाया गया है, जांच में सेफ एप्रोच संस्था के तत्कालीन सुपरवाइजर एवं केयरटेकर राम बहादुर पटेल की विभिन्न ऑडियो रिकार्डिंग के सुनने उपरांत स्पष्ट है कि सुपर वाइजर द्वारा केयरटेकर से नियमित रूप से रैनबसेरा में रुके हुए लोगों से प्राप्त राशि का हिसाब लिया जाता था एवं प्राप्त राशि केयरटेकर से नगद ऑनलाइन ली जाती थी।

केयरटेकर द्वारा सुपरवाइजर को ऑनलाइन राशि प्रेषित किये जाने के संबंध में फोन पे एप पर किये गये पेमेंट के स्क्रीनशट भी जांच के दौरान उपलब्ध कराये गये जिससे केयरटेकर द्वारा लोगों से राशि ली जाकर  नियमित रूप से राशि दिये जाने की पुष्टि होती है।

उपरोक्त जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि नगर पालिक निगम जबलपुर अंतर्गत आश्रय स्थलों का संचालन एवं सधारण करने वाली तत्कालीन संस्था सेफ एप्रोच के सुपरवाइजर के निर्देश पर इंदिरा मार्केट स्थित गोकुलदास धर्मशाला रेन बसेरा में रुकने वाले लोगों से अवैध रूप से राशि ली जाती थी। प्राप्त प्रतिवेदन पर आरेापी सुपर वाईजर के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज।