आर्य समय  संवाददाता, जबलपुर। ई-नगर पालिका पोर्टल नगर निगम के लिए गले की फांस बन गया है। विशेषतौर पर राजस्व विभाग तो इससे बहुत प्रभावित हो रहा है। पोर्टल ढंग से न चलने के कारण जेएमसी को करोड़ों की चपत भी लग रही है। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में इस असर देखने को मिला, क्योंकि दिन भर सर्वर आता-जाता रहा, जिससे करदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सैकड़ों करदाता ऐसे भी थे जो कि पोर्टल मे आई खराबी के चलते समय लगने के कारण कैश काउंटर्स से उल्टे पांव लौट गए। कुछ जानकार करदाताओं का कहना है कि पोर्टल की दिक्कत के कारण इंदौर और भोपाल जहां ई-नगर पालिका छोड़कर अपना खुद का सॉफ्टवेयर चला रहे हैं, इसी तर्ज पर जेएमसी को भी स्टैंड लेना चाहिए और खुद का पोर्टल चलाएं, ताकि इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिले और यदि ऐसी कोई दिक्कत होती है तो अपने स्तर पर ही सॉल्व करा सकें।

सब सही रहता तो टारगेट हो जाता क्रास

बता दें कि लोक अदालत में साढ़े चार करोड़ रुपए वसूली का टारगेट सेट किया गया था। बार-बार सर्वर में दिक्कत आने से 3 करोड़ 25 लाख रुपए संपत्तिकर, जल शुल्क 50 लाख और 30 लाख रुपए अन्य मद में जमा हुआ। इतनी दिक्कतों के बाद भी टारगेट के करीब पहुंचने के साफ जाहिर होता है कि यदि साफ्टवेयर सही से चलता तो टारगेट भी क्रास हो जाता।