आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। गांव के विकासों के लिए पंचायती राज की व्यवस्था लायी गई थी। लेकिन पंचायती राज में विकास कम भ्रष्टाचार के मामले ज्यादा सुर्खियों में रहे हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत घाना का प्रकाश में आया है। जहां बीते दो सालों से निर्वाचित सरपंच पूर्व के पांच सालों में हुए कार्यो के दस्तावेजों को खोज रही है। लेकिन दस्तावेजों का एक टुकड़ा तक नहीं मिल पा रहा है। हालात यह कि बीते दो साल से विकास कार्य ठप पडेÞ हैं। क्योंकि किसी को पता ही नही है कि कौन-कौन से कार्यो में कितना बजट स्वीकृत हुआ था और कितना उपयोग में लाया जा चुका है। सूत्रों की माने तो मामला लाखों रूपए के फर्जीवाडेÞ से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि दस्तावेजों को रहस्मय ढ़ग से गायब कर दिया गया है।
संचानालय पंचायत राज ने शुरू की पड़ताल -
वर्तमान सरपंच सुनीता रजक ने बताया कि उन्हें ने 2022 में घाना ग्राम पंचायत में सरपंच का पद संभाला था। कार्यकाल संभालने के बाद जब पंचायत भवन में पूर्व सरपंच के कार्यकाल 2018 से 2021में हुए कार्यो से जुडेÞ दस्तावेजों की तलास की गई तो वह गायब मिले। स्थानीय स्तर पर लगातार दो सालों तक पत्राचार किया गया। लेकिन दस्तावेजों को लेकर कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी। जिसके बाद सीएम हेल्प लाइन में शिकायत करनी पड़ी। सीएम हेल्प लाइन में शिकायत के बाद कुछ सुगबुगाहट तो हुई है। संयुक्त संचालक पंचायत राज ने पत्र भेज इंक्वारी कर रिपोर्ट देने को कहा है। लेकिन अभी भी दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।
वर्तमान सरपंच सुनीता रजक ने बताया कि उन्हें ने 2022 में घाना ग्राम पंचायत में सरपंच का पद संभाला था। कार्यकाल संभालने के बाद जब पंचायत भवन में पूर्व सरपंच के कार्यकाल 2018 से 2021में हुए कार्यो से जुडेÞ दस्तावेजों की तलास की गई तो वह गायब मिले। स्थानीय स्तर पर लगातार दो सालों तक पत्राचार किया गया। लेकिन दस्तावेजों को लेकर कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी। जिसके बाद सीएम हेल्प लाइन में शिकायत करनी पड़ी। सीएम हेल्प लाइन में शिकायत के बाद कुछ सुगबुगाहट तो हुई है। संयुक्त संचालक पंचायत राज ने पत्र भेज इंक्वारी कर रिपोर्ट देने को कहा है। लेकिन अभी भी दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।
अधूरी पड़ी आगनवाड़ी, पंचायत भवन का काम भी थमा -
सरपंच ने बताया कि दस्तावेजों के गायब होने के चलते आगनवाड़ी का निर्माण कार्य अटका हुआ है। क्योंकि किसी को यह जानकारी ही नही है कि निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई थी। उसमें से कितनी राशि का उपयोग किया जा चुका है। इसी प्रकार पंचायत भवन की बॉउंडरी बॉल बनाई जा रही थी। निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। निर्माण कार्य पूरा तभी होगा जब बजट की जानकारी लगेगी। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में और कौन-कौन से कार्य स्वीकृत है। कितना बजट आवंटित है। इनकी जानकारी भी नहीं लग पा रही है।
सरपंच ने बताया कि दस्तावेजों के गायब होने के चलते आगनवाड़ी का निर्माण कार्य अटका हुआ है। क्योंकि किसी को यह जानकारी ही नही है कि निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई थी। उसमें से कितनी राशि का उपयोग किया जा चुका है। इसी प्रकार पंचायत भवन की बॉउंडरी बॉल बनाई जा रही थी। निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। निर्माण कार्य पूरा तभी होगा जब बजट की जानकारी लगेगी। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में और कौन-कौन से कार्य स्वीकृत है। कितना बजट आवंटित है। इनकी जानकारी भी नहीं लग पा रही है।
चुनाव से पहले सचिव, चार्ज लेते नहीं दिया ध्यान -
दस्तावेज गायब होने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सरपंच चुनाव के पूर्व ग्राम सचिव को बदल दिया गया था। लेकिन प्रभार लेने वाले सचिव ने भी चार्ज लेने से पहले इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि उन्हें दस्तावेज पूरे सौंपे जा रहे हैं कि नहीं। सबसे रोचक बात यह कि केवल पांच साल के कार्यकाल के दस्तावेज गायब है। उसके पूर्व के सरपंचों द्वारा किए गए कार्यो के दस्तावेज पंचायत भवन में रखे हुए हैं। जिसके चलते कई शंकाए खड़ी हो रही है।

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