शर्त लगा कर लगा रहे थे रेस
लखनऊ में तैनात एडिशनल एसपी श्वेता श्रीवास्तव के 10 वर्षीय इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। रैश ड्राइविंग की वजह से नैमिष की जान चली गई। पकड़े गए दोनों आरोपियों में शर्त लगी थी कि कौन ज्यादा तेज कार चला सकता है।
कार की रफ़्तार 150 किमी प्रति घंटा से अधिक थी
गोमतीनगर विस्तार के जी-20 रोड पर मंगलवार सुबह मासूम नैमिष को टक्कर लगने के दौरान एक्सयूवी की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटा से अधिक थी। यही वजह है कि नैमिष टक्कर लगने के बाद करीब 15 फीट हवा में उछल गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों दोस्तों ने सोमवार शाम एक-दूसरे से तेज कार चलाने के लिए शर्त लगाई थी। दोनों सुबह चार बजे घर से निकले थे।
दोनों आरोपी पकडे गए
डीसीपी ईस्ट आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपित इंदिरानगर के सेक्टर-12 निवासी सार्थक सिंह और सेक्टर-6 निवासी देव श्री हैं। नैमिष को टक्कर मारने वाली एक्सयूवी (यूपी 32 एनटी 6669) देव श्री के कानपुर निवासी चाचा आशीष वर्मा की है। सराफा कारोबारी आशीष की बेटी की कुछ दिन बाद शादी है। बेटी की शादी के लिए शॉपिंग करने वह मंगलवार को लखनऊ आए थे। आशीष ने दो महीने पहले ही एक्सयूवी खरीदी थी। उनके आते ही देवश्री ने दोस्त सार्थक को फोन कर तड़के गोमतीनगर में घूमने का प्लान बनाया। सुबह करीब चार बजे दोनों कार लेकर निकल गए। रास्ते में सार्थक के कहने पर दोनों ने एक-दूसरे से तेज कार चलाने की शर्त लगाई।

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