आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर इंद्राना रोड मझौली स्थित जगदीश वेयर हाउस में गेहूं उपार्जन में की गई अनियतिताओं और नॉन एफएक्यू गेहूं भंडारित करने पर खरीदी संस्था के अध्यक्ष सहित वेयर हाउस की मालकिन, खरीदी केंद्र प्रभारी, गोदाम प्रभारी व सर्वेयर सहित सात आरोपियों के विरुद्ध मझौली थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 

कनिष्ठ आपूर्ति नियंत्रक सिद्धार्थ राय द्वारा मझौली थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्र जय दुर्गा स्व सहायता समूह ग्राम जमुनिया केंद्र क्रमांक एक के उपार्जन स्थल जगदीश वेयर हाउस को अनुविभागीय अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में प्रथम दृष्ट्या अमानक घुना हुआ गेहूं खरीदना पाया गया है। खरीदी केंद्र की विस्तृत जांच के लिए कलेक्टर के निर्देश पर जिला आपूर्ति नियंत्रक नदीमा शीरी ने जांच दल का गठन किया है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर के निर्देश पर गेहूं खरीदी केंद्र जय दुर्गा स्व सहायता समूह ग्राम जमुनिया सेवा सहकारिता समिति कापा के उपार्जन स्थल जगदीश वेयर हाउस रबी विपणन वर्ष 2024-25 के लिए जारी उपार्जन नीति का उल्लंघन कर शासन से धोखाधड़ी की एफआईआर थाना मझौली में कराई है। 

पुलिस ने इसमें अनीता लोधी, प्रकाशचंद्र कुशवाहा, दुर्गा विश्वकर्मा, केशव राय, अखिलेश राय, संदीप राजपूत, गनपत पटेल पर धारा 420 व 34 के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरु कर दी गई है।

यह शिकायत हुई है थाने में
इस सम्बंध में कनिष्ठ आपूर्ति नियंत्रक सिद्धार्थ राय ने पुलिस को बताया कि जय दुर्गा स्व सहायता समूह जमुनिया और कापा के जगदीश वेयर हाउस में अमानक गेहूं भंडारित किए जाने एवं अन्य अनियमितताओं की शिकायत पर जांच की गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार वेयर हाउस में 1670.40 क्विंटल गेहूं आॅनलाइन रिजेक्ट प्रदर्शित हो रहा था। यह गेहूं किस स्टेक में कहां रखा है इसकी जानकारी वेयर हाउस के प्रतिनिधि द्वारा नहीं दी गई। इसी प्रकार खरीदी संस्था वेयर हाउस संचालक एवं मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टक कार्पोरेशन द्वारा नियुक्त गोदाम प्रभारी द्वारा रिजेक्ट किए गए अमानक  गेहूं को अलग से भंडारित न कर मानक स्कंध के साथ रख उसे मानक बताने का प्रयास किया गया। इसलिए सभी स्टैक की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया है।

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि  जगदीश वेयर हाउस में जांच किए जाने पर 3834 बोरियों में भर कर भंडारित किया गया गेहूं अमानक पाया गया है। ई-उपार्जन पोर्टल में प्रदर्शित खरदी मात्रा के अनुसार वेयर हाउस में 73943 बोरियां प्रति 50 किलो की होनी चाहिए। भौतिक सत्यापन करने पर स्टैक में 70577 बोरियां 50 किलो के हिसाब से 35288.50 क्विंटल गेहूं कम पाया गया है। इस प्रकार स्टैक में 1683 क्विंटल गेहूं कम पाया गया जिसकी वर्तमान सर्मथन मूल्य के आधार पर 40, 39,200 रुपए होती है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि उपार्जन संस्था और वेयर हाउस वालों ने फर्जी खरीदी दर्शाई है।

बोरियों में टैग नहीं लगाए
 वेयर हाउस में भंडारित गेहूं की अधिकांश बोरियों में किसानों के नाम और कोड प्रदर्शित करने वाले टैग नहीं लगे हैं। कार्पोरेशन के शाखा प्रबंधक कैलाश चौहान द्वारा जय दुर्गा समूह मैप द्वारा जगदीश वेयर हाउस की मालिक दुर्गा विश्वकर्मा और केशव राय व अखिलेश राय के किरायानामा अनुबंधित किया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि वेयर हाउस मालिकन और किराएदार सब कुछ जानते हुए इसमें संलिप्त हैं। इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि खरीदी प्रभारी प्रकाश चंद्र कुशवाहा, वेयर हाउस मालिक दुर्गा विश्वकर्मा, वेयर हाउस किराए पर लेने वाले केशव राय और अखिलेश राय, गोदाम प्रभारी संदीप राजपूत, मार्कफेड के सर्वेयर गनतप पटेल द्वारा खाद्य विभाग द्वारा जारी नीति के प्रावधानों और आदेश-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है।

https://youtu.be/BBScG1MBizk