आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) खड़ी हो गई है। बीपीएमएस ने आज से आयुध निर्माणियों में विरोध पखवाड़ा बनाने का ऐलान किया है। जिसके तहत पहले दिन 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सुरक्षा संस्थानों के प्रबंधन को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बीपीएमएस का आंदोलन अब चरणबद्ध चलता रहेगा।

बीपीएमएस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी,पूर्व सचिव रामप्रवेश सिंह के साथ राष्ट्रीय संयुक्त सचिव रूपेश पाठक ने बताया कि केंद्र सरकार से हम मांग करते है कि नई पेंशन योजना को समाप्त किया जाए और गारंटीशुदा पेंशन योजना को पुरानी पेंशन योजना यानी सीसीएस पेंशन नियम 1972 (अब 2021) के रूप में लागू करना बहाल किया जाए। इस अवसर पर राजेन्द्र चराडिया,दशरथ ठाकुर,अतुल साहू,प्रेम लाल सेन, अरुण मिश्रा आदि शामिल थे।

आठवें वेतन आयोग का हो गठन-

श्रमिक नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों,राज्य सरकारों के कर्मचारियों और स्वायत्त निकाय के कर्मचारियों के वेतन और भत्ते को संशोधित करने के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाना चाहिए। वेतन आयोग न केवल कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर ध्यान देता है, बल्कि कर्मचारियों की सेवा शर्तों आदि की भी समीक्षा करता है। ताकि समाज की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित हो सके और एक कुशल विभागीय सेटअप तैयार कर सके जो पूरा हो सके। हर 10 साल पर वेतन आयोग का गठन करने की प्रथा रही है। हम जनवरी 2026 तक वेतन और भत्तों में संशोधन सुनिश्चित करने के लिए 8वें वेतन आयोग के तत्काल गठन का आग्रह करते हैं।

खाली पदों को भरा जाए-

केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों-संस्थानों में कई पद खाली हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त हो चुके है और पद नहीं भरे जाने के कारण सरकारी विभागों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। हम सरकारी विभागों की दक्षता बनाए रखने के लिए सभी रिक्तियों को भरने पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं, इससे बेरोजगारी भी कम होगी।

आयकर सीमा 8 लाख की जाए -

आयकर छूट वाली आय की सीमा 8 लाख रूपए होनी चाहिए और कर्मचारियों को राहत देने और उनमें बचत को प्रोत्साहित करने के लिए मानक कटौती की राशि भी बढ़ाई जानी चाहिए। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी और 80 डी के तहत मौद्रिक सीमा को भी बढ़ाया जाना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारी समूह बीमा योजना 1980 को 7वीं सीपीसी की सिफारिशों के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए।

न्यायालयीन प्रकरणों का हो निपटरा -

 सर्वोच्च न्यायालय,विभिन्न उच्च न्यायालयों और कैट ने इस मामले में कर्मचारियों के पक्ष में फैसले दिए हैं। जिन कर्मचारियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें यह लाभ दिया गया है। जबकि अन्य लोग इसी तरह के व्यवहार के लिए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य हैं। इसलिए हम इस मामले में एक अनुमानित आदेश प्रदान करने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी करने की मांग करते हैं। उन सभी कर्मचारियों को पेंशन लाभ के लिए वेतन वृद्धि, जो 31 दिसंबर या 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके हैं या सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 1 जनवरी और 1 जुलाई को निर्धारित की गई थी।  पेंशन कम्युटेशन की वसूली 15 वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष की जाए।