आज से सदन की कार्यवाही नये संसद भवन में होगी...नए संसद भवन में जाने के पहले पुरानी संसद के सेंट्रल हॉल में विदाई कार्यक्रम रखा गया इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये भवन ये सेंट्रल हॉल एक प्रकार से हमारी भावनाओं से भरा हुआ है...हमें भावुक भी करता है और कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है। आजादी पूर्व ये खंड एक प्रकार से लाइब्रेरी के लिए इस्तेमाल होता था...उन्होंने कहा कि बाद में संविधान सभा की बैठक शुरू हुई और उसके बाद हमारा संविधान यहीं पर आकार लिया। यही पर 1947 में अंग्रेजी हुकुमत ने सत्ता हस्तांतरण किया...उस प्रक्रिया का यह हॉल साक्षी है...इसी सेंट्रल हॉल में तिरंगे और राष्ट्रगान को अपनाया गया..अनेक अवसरों पर दोनों सदनों ने भारत के भाग्य को लेकर निर्णय किए...