आर्य समय  संवाददाता,जबलपुर। केंटोनमेंट जबलपुर के रिज बाजार क्षेत्र में अचानक अतिक्रमण का सर्वे शुरू होने से हड़कम मचा हुआ है। केंट बोर्ड की सर्वे टीम पहुंचते ही नेता सक्रिय हो गए हैं। इधर, विरोध को देखते हुए फिलहाल आज सर्वे को रोक दिया गया है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही रिज बाजार के अतिक्रमणकारियों को जल्द ही हटाया जा सकता है। दरअसल, देश के 61 केंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को समीपस्थ निकायों के हवाले करने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि 2024 के अंत तक जबलपुर केंट का सिविल एरिया भी नगर निगम को सौंप दिया जाएगा। लेकिन केंट के कुछ भूखंड ऐसे हैं जिन्हें आर्मी अपने अधिकार क्षेत्र में रखना चाहती है।

जानकारी के मुताबिक रिज बाजार में भूमि के वर्गीकरण के लिहाज से करीब 6 एकड का भूखंड सी लैंड है। जिसका प्रबंधन केंट बोर्ड जबलपुर के पास है। रिज बाजार क्षेत्र में करीब 87 परिवार वर्षो से रहते चले आ रहे हैं। लेकिन 2013 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उक्त परिवारों को अतिक्रमणकारी मानते हुए उनके नाम केंट बोर्ड की वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए गए। ऐसा बताया जाता है कि सेंटर कमांड लखनऊ से पिछले दिनों आर्मी स्टेशन सेल  जबलपुर को रिज बाजार क्षेत्र को लेकर कुछ निर्देश मिले थे। जिसके बाद केंट बोर्ड की इंजीनियरिंग का अमले को गत शुक्रवार को मौके पर सर्वे के लिए भेजा गया था। लेकिन जैसे ही अमले ने इंच टेप लगाकर मकानों की नपाई शुरू की, लोगो में हडंकप मच गया। आनन-फानन में पूर्व बोर्ड मेंबर राजीत यादव को सूचना दी गई। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और नपाई का विरोध करने लगे। बताया जाता है कि विवाद की स्थिति बनती देख केंट बोर्ड सीईओ ने तत्काल अमले को वापस बुला लिया।

सुरक्षा लिहाज से सेना अपने सेंटर से लगी जमीने छोड़ने तैयार नहीं-

 सिविल एरिया के निकाय में विलय को लेकर आर्मी पूरी तरह तैयार है। लेकिन आर्मी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने सेंटर से लगी जमीनों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने भी जो हालिया निर्देश जारी किए है उसमें इस बात का उल्लेख है कि बगीचा और बंगला एरिया की जमीनों का अंतिम निर्णय सेना की राय से होगा। बताया जाता है कि सुरक्षा के लिहाज से आर्मी अपने सेंटर के बीच बसी बस्तियों को भी बाहर करना चाहती है। इसी दायरे में रिज बाजार भी आता नजर आ रहा है।

आर्मी स्टेशन सेल पहुंचे पूर्व मेंबर -

रिज बाजार में केंट बोर्ड द्वारा अचानक सर्वे शुरू किए जाने को लेकर पूर्व बोर्ड मेंबर राजीत यादव व सुंदर अग्रवाल क्षेत्रीय लोगो के साथ आर्मी स्टेशन सेल कार्यालय पहुंचे। राजीत यादव ने बताया कि सैन्य अधिकारियों से चर्चा होने पर यह बात सामने आयी है कि सर्वे इसलिए कराया जा रहा था कि उक्त क्षेत्र में कोई नया अतिक्रमण तो नहीं हुआ है। राजीत यादव ने बताया कि सैन्य अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सरकार से अभी रिज बाजार के मकान हटाने को लेकर कोई निर्देश नहीं आए हैं। केवल सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है।
https://www.youtube.com/watch?v=V7LjyFw5hA0