चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरकर इतिहास रच दिया है...इसके साथ ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है...चांद पर लैंडिंग के दो घंटे और 26 मिनट बाद लैंडर से बाहर आए रोवर 'प्रज्ञान' ने अपना काम करना शुरू कर दिया है...यह रोवर 'प्रज्ञान' चांद के गर्भ में छिपे रहस्यों को दुनिया के सामने लाने में जुट गया है...इसके लिए वह चांद पर लगातार चहलकदमी कर रहा है...इसरो ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें रोवर 'प्रज्ञान' को चांद पर पर चलते देखा जा सकता है...वह चांद की सतह पर लगभग आठ मीटर से ज्यादा चल चुका है...रोवर में लगे उपकरण ऑन कर दिए गए हैं, और अब रोवर ने काम शुरू कर दिया है...

प्रज्ञान रोवर क्या काम कर रहा है

प्रज्ञान रोवर पर दो पेलोड्स लगें हैं...पहला है लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप...यह चांद की सतह पर मौजूद केमकल्स यानी रसायनों की मात्रा और गुणवत्ता की स्टडी करेगा...साथ ही खनिजों की खोज करेगा...

इसके अलावा प्रज्ञान पर दूसरा पेलोड है अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर...यह एलिमेंट कंपोजिशन की स्टडी करेगा...जैसे- मैग्नीशियम, अल्यूमिनियम, सिलिकन, पोटैशियम, कैल्सियम, टिन और लोहा. इनकी खोज लैंडिंग साइट के आसपास चांद की सतह पर की जाएगी...