आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन ने शहर के उन नागरिकों के लिए जिनके द्वारा बिना अनुज्ञा के भवन निर्माण अथवा भवन अनुज्ञा से अधिक निर्माण कर लिया गया है, राहत भरा तोहफा संबंधी निर्देश पुनः जारी किये गए है। मध्यप्रदेश शासन के द्वारा भवन अनुज्ञा में प्रशमन अथवा कम्पाउंडिंग की सीमा बढ़ा दी गयी है। इससे शहर के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।

महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ और निगमायुक्त प्रीति यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वीकृति के विरूद्ध निर्मित भवनों की कम्पाउंडिंग के लिए 31 अगस्त तक विशेष प्रावधान लागू किये गए हैं। इन विशेष प्रावधानों के अंतर्गत भवनों के स्वीकृति से 30 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण की कम्पाउंडिंग (राजीनामा) किया जा सकेगा। 

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जारी विशेष छूट के प्रावधानों के अनुसार अभी तक स्वीकृति से 10 प्रतिशत निर्मित भवनों की ही कम्पाउंडिंग के प्रावधान थे, किन्तु इन विशेष प्रावधानों के तहत् 10 प्रतिशत से अधिक तथा 30 प्रतिशत तक अधिक किये गये निर्माण पर अतिरिक्त कम्पाउंडिंग शुल्क जमा कराया जाकर स्वीकृति के विरूद्ध स्वीकृति से अधिक निर्मित भवनों का राजीनामा किया जा सकेगा। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ और निगमायुक्त प्रीति यादव ने बताया कि यह राजीनामा दिनांक 01 जनवरी 2021 के पूर्व जारी भवन अनुज्ञा के प्रकरणों पर ही लागू होगी। ऐसे प्रकरणों में आवासीय भवनों के लिये कलेक्टर गाईड लाईन का 12 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक भवनों में कलेक्टर गाईड लाईन का 18 प्रतिशत प्रशमन शुल्क देय होगा, जो अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र के लिए गणना किया जायेगा। 

महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ और निगमायुक्त यादव ने ऐसे सभी नागरिकों से अपील की है कि जिनके द्वारा वर्ष 2021 से कम्पाउंडिंग नहीं कराई गयी है वे शीघ्र कम्पाउंडिंग के लिए प्रकरण जमा कर शासन द्वारा जारी प्रावधानों और छूट का लाभ उठाएं। इस संबंध में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने भवन अधिकारी को भी निर्देशित किया है कि शासन द्वारा जारी नवीन गाईड लाईन के अनुसार प्रकरण तैयार कर अवग कराएं तथा अधिक से अधिक लोगों को नवीन गाईड लाईन का लाभ देने की दिशा में ठोस पहल करें।