आर्य समय संवाददाता जबलपुर। दरअसल, पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के परिवार वालों की जिनके साथ विशनखेड़ा टोल प्लाजा में टोल कर्मियों के द्वारा अवैध रुपए की वसूली का मामला सामने आया है। 

जानकारी के मुताबिक शनिवार को मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की पत्नी पुष्पलता सिंह पटेल और उनकी बेटी प्रतिज्ञा सिंह पटेल भोपाल से जबलपुर गाड़ी क्रमांक एमपी 04-TB 3852 से आ रहे थे। जैसे ही मंत्री जी के परिवार वालों की गाड़ी  टोल प्लाजा विशनखेड़ा पहुंचे तो टोलकर्मी ने उनकी गाड़ी को यह कहते हुए रोक लिया कि फास्टैग में रिचार्ज की राशि नहीं। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के परिजनों ने उन्हें बताया कि आप अच्छे से चेक कीजिए फास्टैग में बैलेंस है, पर वहां मौजूद टोल कर्मियों ने एक ना सुनी और उनसे रसी कटवाने को कहा। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के परिवार ने बिना अपना परिचय बताएं भुगतान किया और 80 रुपए की रसीद कटाई।

गाड़ी का सही पूरा नंबर टोल प्लाजा कर्मियों ने मशीन में अंकित नहीं किया। उसके बाद वाहन चालक ने अपने मालिक को फ़ोन करके फास्टैग को 1000 की राशि से रिचार्ज कराया। आगे बढ़े तो अगले हर्षिली टोल प्लाजा पर 10 बजकर दो मिनट पर फास्टैग से 150 रुपए की राशि कट गई। आगे चलकर खिरिया टोल प्लाजा पहुंचे तो उस टोल प्लाजा पर तैनात टोल कर्मियों ने उस फास्टैग को ब्लैक लिस्टेड करार कर दिया और कहा कि फाइन के साथ-साथ कैश पैसे भी देना पड़ेगें। इसके बाद मंत्री जी के परिवार वालों ने 190 रुपए का नगद का भुगतान किया। 

पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के परिजनों ने टोल कर्मियों से गाड़ी का सही नंबर मशीन पर दर्ज करने की बात कही गई तो झल्लाकर टोल प्लाजा कर्मी ने कहा हम ऐसे ही नंबर दर्ज करते हैं, और गाड़ी का पूरा नंबर दर्ज करने से इंकार कर दिया। बाद में जब फास्टैग की जांच कराई गई तो वह सही पाया गया। इस पूरी घटना से यह तो साफ हो गया है कि किस तरह से आम नागरिकों के साथ टोल प्लाजा कर्मियों के द्वारा लूट करने के नित नए तरीके अपनाए जाते है। इस मामले में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के परिजनों से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस घटनाक्रम की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से कर कार्यवाही करने की बात कही।