आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। रक्षा कंपनी म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड की जबलपुर स्थित ईकाई आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में रशियन मिसाइल पिकोरा में विस्फोट मामले में हाई लेवल जांच शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो घटना स्थल पर अभी भी तीन से चार की संख्या में रशियन मिसाइल मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिसके चलते पूरे क्षेत्र को अभी सील रखा गया है।
बुधवार को रक्षा कंपनी म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड के सीएमडी देवाशीष बैनर्जी भी ओएफके पहुंचे , उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया। वहीं अस्पताल में इलाजरत कर्मचारियों के संबंध में चिकित्सकों से चर्चा की।
इधर, कर्मचारियों ने आज भारी मन से हादसे में शहीद हुए रणधीर और अलेक्जेंडर टोप्पो को अंतिम विदाई दी। सुबह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्ट मार्डम के उपरांत अलेक्जेंडर टोप्पों के शव को परिजनों को सौंप दिया गया था। जहां से परिजन सीधे शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए बिलहरी स्थित क्रबिस्तान पहुंचे।
वहीं रणधीर कुमार का शव लेने बलिया से परिवार जबलपुर आया हुआ था। लिहाजा शहीद रणधीर का शव को पहले ओएफके गेट नंबर 1 पर लाया गया। जहां पर सीएमडी,जीएम, यूनियन लीडर व कर्मचारियों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी। जिसके बाद शहीद रणधीर की पार्थिक देह को लेकर परिजन बलिया के लिए रवाना हो गए। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीएमडी देवाशीष बैनर्जी ने कहा कि हादसा दुखद है, यह क्यों हुआ इसकी जांच कराई जा रही है। वर्क लोड के लिहाज से कर्मचारियों की कमी के मामले में सीएमडी बोले हां कुछ कमी तो है।
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उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 20 मिनिट पर ओएफके के सेक्शन एफ-6 के भवन क्रमांक 200 ए में विस्फोट गया था। भवन में पुरानी रशियन मिसाइल पिकोरा को भाप से उबालने का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान भवन में श्याम सिंह ठाकुर, अलेक्जेंडर टोप्पो, रणधीर कुमार और चंदन कुमार नामक कर्मचारी कार्य कर रहे थे।

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