आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्रान्तर्गत निमार्णाधीन वेलकम आईटीसी होटल में शनिवार 5 अक्टूबर को गैस पाईप लाइन टेस्टिंग के दौरान हुई विस्फोट एवं भवन के छत्त गिरने के मामले में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने प्रशासकीय जांच के आदेश दिए हैं। सक्सेना ने प्रशासकीय जांच के लिए तीन अधिकारियों की जांच समिति गठित की है तथा उसे एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासकीय जांच समिति को तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए तकनीकी जांच दल का गठन भी किया है। होटल में विस्फोट किन कारणों से हुआ इसका तो पता लगाया ही जाएगा। साथ ही साथ होटल निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। दरअसल, विस्फोट के बाद होटल की छत्त भरभराकर गिरना, सबको आर्श्चय चकित कर रहा है। बात साफ है कि जांच के दायरे में निर्माण ऐजेंसी का आना तय है। उल्लेखनीय है कि आईटीसी वेलकम से अनुबंधित इस होटल को निर्माण एआरवी होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के अरिहंत होटल रसल चौक निवासी राजेश कुमार जैन पिंकी द्वारा कराया जा रहा है। इसमें गैस पाइप लाइन डालने को काम साकार इंडिया प्राइवेट लिमिटेंड द्वारा किया जा रहा है। होटल के प्रथम माले में गैस पाइप लाइन की टेस्टिंग हो चुकी थी और दूसरे माले में टेस्टिंग के दौरान यह हादसा हुआ।
इन्हें दिया गया है जांच की जिम्मेदारी-
जिला दंडाधिकारी द्वारा घटना की जांच के लिए गठित प्रशासकीय समिति में अनुविभागीय दण्डाधिकारी गोरखपुर, नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा एवं अतिरिक्त कमिश्नर नगर निगम को शामिल किया गया है। कलेक्टर ने प्रशासकीय जांच समिति को जांच में तकनीकी सहयोग के लिए गठित पांच सदस्यों के तकनीकी जांच दल में फायरआफिसर नगर निगम,उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, कार्यपालन अभियंता पीआईयू, तकनीकी विशेषज्ञ इंडियन ऑयल कापोर्रेशन लिमिटेड एवं तकनीकी विशेषज्ञ गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड को नियुक्त किया गया है।
जांच के छह बिंदू तय-
जिला दंडाधिकारी ने घटना की प्रशासकीय जांच के लिए छह बिंदु तय किए हैं। इन बिंदुओं में घटना कारित होने के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों और कारणों का समग्र तथ्यात्मक विश्लेषण,चूक के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका का विश्लेषण, चूक के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों या संस्थाओं के विरुद्ध प्रस्तावित कारवाई, घटना से प्रभावित व्यक्तियों को राहत या मुआवजा प्रदान करने के लिए प्रस्तावित कार्यवाही, घटना की पुनरावृति रोकने के लिए सुझाव तथा ऐसे अन्य बिंदु जिन पर जांच करना जांच समिति उचित समझे को शामिल किया गया है। ज्ञात हो कि इस घटना में एक महिला की मृत्यु हुई थी तथा आठ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये थे।

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