आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) के ईस्टेट एरिया में दुकानों का संचालन करने वाले व्यापारी आज सड़क पर उतर आए। व्यापारियों का आरोप है कि वीएफजे जब से निगमीकरण हुआ है, प्रबंधन का रवैया प्राइवेट कंपनियों जैसा हो गया है। छोटे-छोटे व्यापारियों से वसूले जाने वाले बाजार बैठकी शुल्क को एकाएक दो से तीन सौ गुना बढ़ा दिया गया है। जिससे अब तो जीवन यापन तक करना मुसकिल हो गया है। व्यापारियों ने बताया कि वे लगातार प्रबंधन व जनप्रतिनिधियों को पत्र सौंप शुल्क को कम किए जाने को लेकर गुहार लगाते रहे हैं। लेकिन जब उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई तो आज मंगलवार को मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
दुकाने बंद कर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए व्यापारियों के समर्थन में क्षेत्रीय पार्षद राजेश यादव भी वीएफजे गेट नंबर -6 पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। पार्षद राजेश यादव ने कहा कि निर्माणियों संपूर्ण रांझी क्षेत्र की जीवन रेखा है। सभी के परिवारों के सदस्यों ने निर्माणियों में सेवाएं दी है। वहीं जिन्हें नौकरी नही मिली वे छोटी-छोटी दुकाने चलाकर जीवन यापन कर रहे हैं। वीएफजे ईस्टेट एरिया में दुकाने चलाने वालों का किराया बढ़ाए जाने तो वे सड़क पर आ जाएंगे। इसलिए वीएफजे प्रबंधन को अपने निर्णय पर विचार करना होगा।
वीएफजे सेक्टर-2 मार्केट में किराना व्यवसाई संजय साहू ने बताया कि करीब 60 से ज्यादा व्यापारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होने ने बताया कि करीब 40 से 45 साल पहले वीएफजे प्रशासन ने जमीन आवंटित की थी। जहां व्यापारियों ने अपने खर्चे पर अपनी दुकाने बनाई थी। समय समय पर वीएफजे प्रबंधन द्वारा बाजार बैठकी शुल्क- किराया बढ़ाया जाता रहा है। लेकिन इस बार सीधे तीन से चार सौ गुना किराया बढ़ा दिया गया है। जिसके विरोध में व्यापारियों को अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है।
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