आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में हर शनिवार को अघोषित अवकाश की स्थिति ने शैक्षेणिक गतिविधियों को पूरी तरह से ठप कर दिया है। दरअसल, कोरोना काल में शासकीय कार्यालयों की वर्किंग 5 दिवसीय कर दी गई थी। जिसके चलते विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में शनिवार और रविवार को अवकाश होता है। लेकिन शनिवार को शैक्षेणिक गतिविधियां चालू रहती है। मतलब विश्वविद्यालयों के संकायों में क्लास लगेंगी। इस बात को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं। लेकिन RDVV में हालात धारा के विपरित हैं। शनिवार को शैक्षेणिक विभागों में पदस्थ कर्मचारी कार्यालय आते ही नहीं हैं। कुछ आते हैं तो डिपार्टमेंट का दरवाजा खोल गायब हो जाते हैं। यही हाल विभाग प्रमुखों, शिक्षकों व अतिथि शिक्षकों का रहता है।

आज शनिवार को जमीनी हालातों की पड़ताल किया गया तो RDVV के कृषि विज्ञान संस्थान के गेट में ताला लटक रहा था। वहीं पढ़ाई के लिए पहुंचे बच्चों को अतिथि शिक्षक गार्डन की बेंच में बैठाकर पढ़ा रहे थे। वहीं इस दृश्य के विपरीत बायोसांइस विभाग के मुख्य गेट में ही ताला लटका था।

संभवता: छात्रों और शिक्षकों को पहले ही बता दिया गया था कि शनिवार को नहीं आना है। ऐसा नहीं है कि सभी विभागों में ताले लगे थे, राजशेखर भवन के कुछ विभागों के ताले खुले थे,लेकिन क्लास रूम खाली पडे़ थे। मौके पर मौजूद भृत्य का कहना था कि हमने अपना काम कर दिया। ताले खोल दिए और लाइट चालू कर दी है। वहीं शिक्षक और बच्चें जाने।

बायोमैट्रिक मशीन फेल -
RDVV प्रशासन ने शैक्षेणिक विभागों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमैट्रिक मशीने लगाई थी। लेकिन उक्त मशीनों में ज्यादात्तर शिक्षक और अतिथि शिक्षक उपस्थिति दर्ज कराते ही नही है। जिसके चलते बायोमैट्रिेक मशीनों को लेकर जो दावा किया गया था वह भी फेल होता नजर आ रहा है।