आर्य समय संवाददाता, जबलपुर।  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को नैक ए ग्रेड मिलने बाद मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए करीब 29 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया गया है। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनावों के चलते 4 माह के लिए अनुपूरक बजट बनाया गया था। जिसके बाद आज मुख्य बजट अनुमोदन के लिए कार्य परिषद सदस्यों के समक्ष रखा गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आय बढ़ाने के लिए अन्य स्त्रोतों को बढ़ाने पर जोर दिया है। बजट प्रस्ताव में करीब 29 करोड़ का घाटा बताया गया है। विश्वविद्यालय ने बजट में 70 करोड़ की आय बताई गई है जबकि 99 करोड़ से ज्यादा का खर्च बताया गया है। कुलगुरू प्रो. राजेश वर्मा की अध्यक्षता एवं कुलसचिव डॉ. दीपेश मिश्रा की उपस्थिति में बजट समिति की बैठक आयोजित की गई। बजट घाटा दूर करने के लिए आय के नए विकल्प तलाशने पर चर्चा की गई। इसके लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ कर आय बढ़ाने की तैयारी हो रही है। पिछले कुछ सालों में विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। लेकिन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन और शिक्षकों की कमी प्रशासन की परेशानी बन रही है। इसके अलावा पिछले एक दशक से किसी तरह का शिक्षण शुल्क में इजाफा नहीं करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन इस मद से भी आय को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।