आर्य समय संवाददताा, जबलपुर। बीते दो दशकों से पुण्य सलिला मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव उत्सव में लगातार भव्यता और दिव्यता आ रही है। इस बार यह पर्व और धूमधाम से मनाया जा रहा है। अमरकंटक से लेकर महाकोशल के उन शहरों-कस्बों में मेले सा माहौल शुरू हो गया है, जिनसे होकर मां नर्मदा गुजरती है।

डिंडोरी, मंडला, जबलुपर, झांसीघाट, बरमान, होशंगाबाद जैसे शहरों में कल माई के जयकारे गूंजेंगे। नर्मदा प्रकटोत्सव कल है, लेकिन आज से ही नर्मदा प्रकोटोत्सव की धूम शुरू हो गई है। कहीं भंडारे, कहीं जागरण, कहीं कन्या पूजन, कहीं चुनरी यात्रा के नजारे देखे जाने लगे हैं। कई किलोमीटर दूर से पैदल चलकर भी लोग नर्मदा तट पर पहुंचने के संकल्प ले रहे हैं। नर्मदा उत्सव इस बार दशहरा उत्सव की तर्ज पर मनाया जाएगा।

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इस बार मां का प्रकोटोत्सव और धूमधाम से मनाने की दिशा में तैयारियां हो रहीं हैं। चूंकि जिले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा अनेक आयोजन-नियोजन और अनुष्ठान्न के माध्यम से मां नर्मदा का पर्व मनाया जाता है है जिसकी तैयारियों का नजारा दिखना शुरु हो गया है।

इसी क्रम में बसंत पंचमी से ही मातारानी की मूर्तियां स्थापित करने भक्त समितियों द्वारा तैयारी की जा रही है। लाखों की संख्या में उत्साहित भक्त जब कोरोनाकाल में नहीं माने, तब तो इस बार ऐसा कोई प्रतिबंधन नहीं है। यही कारण है कि नर्मदा तटों परलाखों की भीड़ उमड्ने की संभावना के तहत प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।

मां के प्रकोत्सव की तैयारी नर्मदा के सभी तटों पर है। ग्वारीघाट,उमाघाट,दरोगाघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट तक में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने तैयारियां शुरु हो गई हैं। इसके चलते जिला प्रशासन द्वारा यहां यातायात व्यवस्था के साथ साफ-सफाई और तटीय सुरक्षा के लिए गोताखोर आदि की नियुक्ति की जा रही है।