आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित अंकिता राठौर और हसनैन अंसारी की शादी मामले में नया मोड़ आ गया है। जबलपुर अपर कलेक्टर एवं विवाह अधिकारी कोर्ट ने विवाह के आवेदन को खारिज कर दिया है।

अपर कलेक्टर एवं विवाह अधिकारी कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत किए गए जांच प्रतिवेदन में पाया कि आवेदक हसनैन अंसारी विगत 10 वर्षों से जिला जबलपुर के बाहर रहकर इंदौर में जॉब कर रहा है।अतएव, स्पष्ट है कि, आवेदक हसनैन अंसारी पिता इरफान अंसारी ने मौजा सिहोरा जिला जबलपुर में आशयित विवाह की सूचना के दिए जाने की तारीख से ठीक पहले तीस दिन से अन्यून की कालावधि तक निवास नहीं किया है। जिससे आवेदक एवं आवेदिका द्वारा विवाह आबद्ध किये जाने हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत विचारण योग्य नहीं होने से आवेदक एवं आवेदिका का आवेदन पत्र इसी स्तर पर खारिज किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि इंदौर की रहने वाली अंकिता राठौर और जबलपुर के सिहोरा के रहने वाले हसनैन अंसारी ने 12 नवंबर 2024 को शादी करने के लिए जबलपुर कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया था, जिसका हिंदूवादी संगठनों और लड़की के परिवार ने विरोध जताया था। संगठनों ने कई विवादित बयान दिए थे। विवाद बढ़ता देखकर हसनैन अंसारी ने शादी की अनुमति के लिए कोर्ट की शरण ली थी ।4 अक्टूबर 2024 को शादी की परमिशन के लिए याचिका दायर की गई। 7 अक्टूबर को शादी के लिए अप्लाई किया गया और 12 नवंबर की तारीख मिली। 16 अक्टूबर को शादी का नोटिस वायरल हुआ और अंकिता के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को दी थी। 20 अक्टूबर को हैदराबाद के विधायक राजा ने एक वीडियो जारी करके शादी का विरोध जताते हुए धमकी दी।