आर्य समय  संवाददाता,जबलपुर। मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर की कार पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में चिकित्सक को तो बाल-बाल बच गए लेकिन उनके भाई को कंधे में गोली लग गई। जिसे उपचार हेतु मेडिकल अस्पताल लाया गया है। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस भी पहुंच गई और मौके से गोली के खोखे आदि बरामद कर लिए हैं। प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सीएसपी सुनील नेमा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग में पदस्थ डॉ. रविशंकर उइके अपने भाई दीनू डोंगरे के साथ बीती रात भेड़ाघाट कूड़न रोड पर कार किनारे खड़ी कर अंदर बैठे थे। उसी दौरान उनकी कार के बगल में एक बाइक आकर रुकी और उसमें बैठे नकाबपोश बदमाशों ने गोलियां चलाना शुरु कर दी। एक गोली दीनू के कंधे पर जाकर लगी, जिसके कारण बहुत अधिक खून बहने लगा और फिर डॉ. रविशंकर आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जिसका उपचार जारी है।

पुलिस आसपास के ढाबों व चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों के संबंध में कोई सुराग जुटाया जा सके। हमले के बाद डॉक्टर और दीनू इतने ज्यादा घबरा गए थे कि आरोपियों की बाइक के नंबर की तरफ जरा भी ध्यान नहीं गया।

घटना में घायल दीनू डोंगरे छिंदवाड़ा का रहने वाला है, वह सिविल जज की तैयारी कर रहा है और वह परीक्षा देने के लिए ही जबलपुर आया था। रात के वक्त वह अपने भाई रविशंकर के साथ जब एकांत में कार में बैठकर कुछ पारिवारिक चर्चा कर रहा था, उसी दौरान हमला किया गया। घटना के वक्त दीनू ही ड्राइवर सीट पर बैठा था, और बचाव के लिए उसने वैसी हालत में ही वहां से गाड़ी चालू कर आगे बढ़ा दी।

डॉ. रविशंकर ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी तो नहीं है लेकिन दीनू यहां किसी को नहीं जानता। हमलावरों ने फायरिंग भी ड्राइवर सीट की तरफ की। जिससे यह जाहिर होता है कि वे उनकी गाड़ी का ही पीछा कर रहे थे और उन्हें इस बात का विश्वास था कि गाड़ी रविशंकर ही चला रहे हैं लेकिन कुछ देर पहले ही स्टेयरिंग दीनू ने ले ली थी। गोलियां कार के कांच और बोनट पर भी लगी हैं।

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