आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। गोराबाजार पुलिस ने बिलहरी स्थित रेडिएंस यूनिसेक्स पार्लर का निरीक्षण किया है। मसाज पार्लर में पुलिस की रेड पड़ते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि पार्लर में सुबह से देर रात तक लोगों का आना-जाना बना रहता है। पुलिस ने संचालक को पार्लर से संबंधित संूपर्ण दस्तावेज चैक करने के लिए थाना बुलाया है। शहर के कुछ मसाज पार्लरों और साइबर कैफे में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने और युवा पीढी को नशा के रूप में गांजा-स्मैक सहित अन्य नशीले पदार्थ मुहैया कराने वालों पर पुलिस बीते दिनों से लगातार कार्रवाई कर रही है।

इसी क्रम में गोराबाजार पुलिस ने रेडिएंस यूनिसेक्स पार्लर का औचक निरीक्षण किया है। हाल ही मेें विजयनगर पुलिस ने कृषि उपज मंडी के पीछे शिवनगर में आओ स्पा सेंटर में दबिश देते हुए गोराबाजार निवासी संदीप सिंह, शांतिनगर निवासी दीवांश बुधवानी और शेखर नायडू को पकड़ा हैं। इनके कमरे से युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। है। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया था कि स्पा सेंटर के काउंटर पर बैठी युवती 2 हजार रूपए में मसाज का पैकेज बताते हुए सर्विस के लिए सेंटर में कार्य करने वाली अन्य युवतियों को दिखाती थी।

 एसपी सम्पत उपाध्याय ने अनैतिक कार्य करने वाले, तस्करों और फुटकर विक्रेता पर कार्रवाई करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए है। गांजा, स्मैक के साथ अवैध शराब की तस्करी को प्रभावी रूप से रोकने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों पर एफआईआर होने के साथ विवेचक जांच में इस बात का भी ख्याल रखेंगे कि तस्कर की जल्द जामनत न हो सके।

पुराने प्रकरण में जमानत पर छूटे तस्करों पर भी पुलिस की एक टीम नजर बनाकर रखेगी। शहर में अवैध रूप से चलने वाले हुक्का बार पुलिस के टारगेट में रहेंगे। एसपी ने नशा माफिया को चिन्हित कर पुख्ता सूचना पर तत्काल छापामार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शहर से लेकर देहात तक गांजा और स्मैक की सप्लाई करने वालों ने कुछ सालों में पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया है।
किसके पास कितने समय स्मैक की पुड़िया पहुंचाना है इसके लिए तस्करों ने दर्जनों गुर्गे पाल रखे हैं। सदर, गोरखपुर, सिविक सेंटर, विजय नगर, अधारताल, गोराबाजार, गोहलपुर, बेलबाग और हनुमानताल क्षेत्र में कई मसाज पार्लर और हुक्का बार अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। शहरी सीमा में संचालित हो रहे साइबर कैफे भी अवैध कमाई के लिए निर्धारित गाइडलाइन से हटकर अनैतिक कार्य में जुटे हैं।