आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। सदर बाजार गली नंबर 23 स्थित प्राचीन रानी दुर्गावती शासन कालीन दुर्गा मढ़िया पर आखिरकार मंगलवार को केंट बोर्ड का बुलडोजर चला ही गया।

एमपी हाईकोर्ट में केंट बोर्ड के अधिवक्ता ने मढ़िया में चल रहे सांसद निधि के कार्यो को अवैध करार दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने दीपावली के बाद पहले सप्ताह में मढ़िया में किए गए निर्माण को धाराशाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए  थे।

जिसके परिपालन में मंगलवार को केंट बोर्ड के इंजीनियरिंग सेक्शन व अन्याक्रांति दल ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माणाधीन भवन व मढिया को तोड़ दिया। याचिका पर अगली सुनवाई 11 नबंवर को होगी।

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उल्लेखनीय है कि पुरात्व महत्व की मढ़िया और स्थानीय लोगों की आस्था को देखते हुए तत्कालीन सांसद ने मढ़िया के निर्माण के लिए सांसद निधि से करीब एक लाख सत्तर हजार की राशि स्वीकृत की थी। जिसके बाद सक्षम ऐजेंसी ने टेंडर व निर्माणाधीन भवन का डिजाइन तैयार करते हुए काम प्रारंभ करा दिया था।

शर्तों के तहत तीन माह में निर्माण कार्य पूरा किया जाना था, लेकिन मंदिर का छत डाले जाने के बाद से वहां निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने निर्माण को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी।