आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। एमपी के जबलपुर व नर्मदा के किनारे बसे जिलों में बारिश के कारण नर्मदा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को बरगी बांध के सात गेट खोलने के एक दिन बाद ही घाटों का जलस्तर बढ़ गया। जिला प्रशासन ने घाटों से दूरी बनाए रखने के लिए पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया था।
24 घंटे दौरान ही गौरीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट का जलस्तर सात से आठ फीट तक बढ़ गया। गौरीघाट में मां नर्मदा मंदिर डूब गया, जहां पंडा बैठते हैं, वह स्थान भी जल में समाहित हो गया है। ऊपर बने होटलों तक नर्मदा हिलोरे मार रहीं। बरगी बांध से अब भी जल की निकासी हो रही। माना जा रहा है कि नर्मदा का जलस्तर अभी और बढ़ेगा।
जल बढ़ने से मां नर्मदा का रौद्र रूप देखने भी लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा मोटर वोट व होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया गया है। वहीं नर्मदा के तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों को दूर रहने के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ तटों पर पुलिसकर्मी गश्त कर रहे हैं। जिले में आपदा प्रबंधन पर मंगलवार को बैठक हुई। इस दौरान अनुभाग व तहसील स्तरीय अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े थे। बैठक के दौरान कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसका नंबर 0761-2623925 है तथा नगर निगम में 0761- 2610917 एवं 2637503 से 510 तक है, जो 24 घंटा चालू है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति में पुल-पुलियों व रपटों में आवागमन रोकें। बैरिकेड्स लगाएं और सुरक्षा दल भी रहे। प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट करें। आपदा की स्थिति में कोई जनहानि न हो, इसके लिए सजग रहें। कंट्रोल रूम की ड्यूटी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी 24 घंटे सतर्क रहें और निरंतर मॉनिटरिंग करें।मौसम विभाग की मानें तो एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से मानसूनी प्रणालियां मजबूत होंगी और अगले 24 घंटे के दौरान जबलपुर सहित संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ने की संभावना है। यानी एक बार फिर सावन की झड़ी लग सकती है। https://www.youtube.com/watch?v=4zdsCSdURR0

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