आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। इंटीगेटेड ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बंद हो गया है। जबकि ये दोनों सेंटर शहर की व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुए काफी जरुरी थे, इसके बावजूद भी चंडालभाटा की बिल्डिंग में ताला लटका दिया गया। जिससे साफ जाहिर होता है कि जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अपने प्रोजेक्ट्स का संचालन ढंग से नहीं कर पा रहा है। प्रोजेक्ट को शुरु करने से लेकर काम पूरा करने तक करोड़ों रुपए फूंके जाते हैं और फिर मॉनिटरिंग नहीं की जाती, जिससे कुछ ही समय में प्रोजेक्ट दम तोड़ने लगते हैं। स्मार्ट सिटी के इक्का-दुक्का कार्यों को छोड़ दिया जाए तो अन्य की दशा बहुत ही दयनीय है।

मॉनिटरिंग और कॉलिंग का सेंटर
जानकारी के मुताबिक इंटीगे्रटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी तमात कॉलिंग जैसे, टैक्स बाकी होने पर, चालान जमा न होने पर, लॉ एंड आॅर्डर की स्थिति में महत्वपूर्ण अनाउंसमेंट कराने के साथ डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की मॉनिटरिंग सहित कई अन्य उपयोगी कामों को भी यहां से ही अंजाम दिया जाता था लेकिन इसके बाद भी एक चालू रखने के लिए जरा भी प्रयास नहीं किए गए। जिससे स्मार्ट सिटी के कर्ता-धर्ताओं की लापरवाही उजागर होती है।

कर्मचारियों पर बेरोजगारी की तलवार
आईटीएमएस और आईसीसीसी का संचालन करने वाली एजेंसी का करार खत्म होने के बाद वहां कार्यरत दर्जनों कर्मचारियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। हालांकि उन्हें पहले ही 30 सितंबर तक कार्य पर उपस्थित होने की सूचना दे दी गई थी। साथ ही जो परेटर्स नगर निगम से वहां भेजे गए थे, वहां वापस जेएमसी बुलाया जा सकता है।

स्मार्ट सिटी ऑफिस में प्यून तक नहीं
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मानस भवन स्थित स्मार्ट सिटी के फिस में भी गार्ड, प्यून और सफाई कर्मचारियों को आने से मना कर दिया गया है। आलम यह है कि वहां पानी तक देने वाला कोई नहीं है, जिसकी व्यवस्था नगर निगम से प्यून को बुलाकर की जाती है। हालांकि जिम्मेदार कॉस्ट कटिंग की बात कह रहे हैं, उनका कहना है कि सभी को नहीं निकाला गया है।