ओमती पुलिस ने बताया कि पुराना बस स्टेण्ड के आगे पेट्रोल पंप के पास नव भारत की पुरानी बिल्डिंग है, जिसे संभवत: बैंक द्वारा सीज किया गया है। प्रींटिंग प्रेस के गेट में अस्पष्ट नोटिस में सीज प्रकिया चस्पा है। भवन बीते कई सालों से बंद है, जिसकी सुरक्षा के लिए बैंक ने हेमराज सरिया निवासी डिंडोरी और ज्ञान सिंह ठाकुर निवासी बैतूल को तैनात किया था।
प्रेस भवन के पास ही नया मोहल्ला थाना ओमती निवासी विकास पटेल 35 साल पान की दुकान चलाता था। भवन सुरक्षा में कई महीनों से लगे हेमराज और ज्ञान की जान पहचान विकास पटेल से हो गई। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और सभी साथ में शराब पीने लगे। कुछ दिन पर दारूखोरी में विकास का विवाद ज्ञान सिंह और हेमराज से हुआ था। 2-4 दिन के मनमुटाव के बाद फिर उठना-बैठना शुरू हो गया। कुछ दिन पहले विकास का विवाद फिर सुरक्षा कर्मियों से हो गया,जिसके बाद हेमराज और ज्ञान सिंह ने उसकी हत्या करने का प्लान बनाया।
सीज भवन के अंदर गए, फिर रॉड से किया हमला-
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि हेमराज और ज्ञान सिंह सुनियोजित तरीके से विकास को सीज बिल्डिंग के अंदर ले गए और लोहे की रॉड एवं हथौड़ा से उसके सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। विकास की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी गेट लगाकर बाहर गए। लाश को ठिकाने न लगा पाने के चलते आरोपियों ने बिल्डिंग के अंदर ही लाश में पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
रात करीब 3 बजे प्रींटिंग प्रेस भवन से निकल रहे धुआं को देखकर स्थानीय नागरिक ने डायल-100 सहित फायर बिग्रेड को सूचना दी। सूचना मिलने पर सीएसपी ओमती, थाना प्रभारी ओमती, चौकी प्रभारी बस स्टेंड सहित फायर अमला मौके पर पहुंचा। मौके पर लाश मिलने पर एफएसएल को बुलाया गया। बताया जाता है कि मृतक ओमती थाना के रिकॉर्ड में जिला बदर का आरोपी रहा है, वह थाना में हाजिरी लगाने जाता था।
टीआई ओमती राजपाल सिंह बघेल ने बताया कि हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने के लिए आग लगाने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीज प्रीटिंग प्रेस भवन में वारदात को अंजाम दिया गया है। अधजली लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपियों से हत्याकांड के संबंध में पूछताछ चल रही है। प्राथमिक पूछताछ में आपसी विवाद हत्या होने की बात सामने आई है।
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