पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस के ए-2 एसी कोच से ट्रॉली बैग चुराने वाले तीन शातिर चोरों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। ट्रॉली बैग में 100 ग्राम वजन की चार सोने की चूड़ियां और 10 ग्राम का एक सोने का सिक्का था। चोरी हुए सोने की कीमत 15 लाख रुपये थी। गिरफ्तार किए गए तीनों चोर बिहार के रहने वाले हैं और रिजर्वेशन कराकर लंबी यात्राओं पर निकलते थे। आरोपियों से नकदी समेत 17 लाख 52 हजार रुपये का माल बरामद हुआ है। इस बार भी आरोपियों ने बी-5 में रिजर्वेशन कराया था और डी-2 से ट्रॉली बैग चुराया था। आरोपियों को नहीं पता था कि बैग में 15 लाख रुपये का सोना मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, 36 वर्षीय दीनदयाल नागरिया मुंबई के घाटकोपर के पंथ नगर स्थित नायडू कॉलोनी में रहते हैं। व्यवसायी दीनदयाल नागरिया 30 अगस्त को पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस के ए-2 कोच में अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। उन्हें कल्याण से झांसी जाना था।

ट्रेन भोपाल से रवाना होकर विदिशा पहुंची। इस दौरान दीनदयाल ने देखा तो उनका ट्रॉली बैग चोरी हो चुका था। उन्होंने जीआरपी झांसी से घटना की शिकायत की और बताया कि उनके ट्रॉली बैग में 100 ग्राम वजन की चार सोने की चूड़ियां और 10 ग्राम का एक सोने का सिक्का समेत अन्य सामान था। चोरी गए सामान की कीमत पंद्रह लाख रुपये थी। झांसी से केस डायरी मिलने के बाद जीआरपी रानी कमलापति ने चोरी का मामला दर्ज किया।

सीसीटीवी फुटेज, रिजर्वेशन चार्ट, पीएचटीएन से पकड़े गए

रानी कमलापति और जीआरपी भोपाल की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और रिजर्वेशन चार्ट देखा। इस दौरान तीन संदिग्धों पर शक हुआ। तीनों की पहचान पटना बिहार निवासी प्रमोद कुमार, सोमू कुमार और मोनू के रूप में हुई। तीनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाले गए और पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (पीएसटीएन) की जानकारी जुटाई गई। इससे पता चला कि तीनों ट्रेन में सफर कर रहे थे। तीनों आरोपियों का बी-5 में रिजर्वेशन था। शक हकीकत में बदलने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है

जीआरपी ने बताया कि प्रमोद कुमार, सोमू कुमार और मोनू के खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं। तीनों आरोपी लंबी यात्राओं पर ट्रेन से सफर करते थे। जिस कोच में रिजर्वेशन कराते थे, उसमें वारदात नहीं करते थे। दूसरे कोच में वारदात करते थे। बैग की क्वालिटी से अंदर रखे सामान का अंदाजा लगाकर बैग चुरा लेते थे। जीआरपी उन तक न पहुंचे, इसके लिए आरोपी अक्सर जनरल टिकट लेकर सफर करते थे और ट्रेन में टीटीई के जरिए एसी टिकट लेते थे, ताकि उनकी जानकारी रिजर्वेशन चार्ट तक न पहुंचे। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में जीआरपी भोपाल की थाना प्रभारी रानी कमलापति, सब इंस्पेक्टर महेंद्र सोमवंशी, एएसआई रामदयाल, टेकाम हेड कांस्टेबल नजर दौलत और रानू अतुलकर शामिल थे।