आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय RDVV में अब कुलसचिव से लेकर हर अधिकारी-कर्मचारी बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। दरअसल, शासन ने शासकीय कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का निर्धारित कर दिया है। जिसके बाद कुलसचिव डॉ दीपेश मिश्रा ने कर्मचारियों को प्रेरणा देने के लिहाज से प्रदेश में मिशाल पेश करते हुए खुद को बायोमैट्रिक मशीन में रजिस्टर्ड कराते हुए सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराई। दरअसल,विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन के आदेश का पालन करते हुए सभी कर्मचारियों - अधिकारियों को समय पर आने के निर्देश दिए थे। लेकिन जब आदेश पालन करते कर्मचारी नजर नहीं आए , तो कुलसचिव ने निर्णय लिया की सबसे पहले वे कार्यालय पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि आराम पसंद कर्मचारियों के मामले में आर्य समय ने भी ग्राउंड रिपोर्ट का प्रमुखता से प्रसारित की थी। कुलसचिव डॉ दीपेश मिश्रा ने बताया कि सब कर्मचारी समय पर आएंगे तो इसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। उनकी यह शिकायत भी दूर हो जाएगी कि अधिकारी अपनी सीट पर नहीं मिलते। कुलसचिव ने स्पष्ट कर दिया था कि 1 जुलाई से सभी को समय पर आना तय कर दिया गया है। कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर बायोमैट्रिक मशीन पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी।जो ऐसा नहीं करेंगे वो स्वयं ही जिम्मेदार होंगे। बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन का निर्धारण किया जाएगा।
बताया जाता है कि बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था से विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षक ख़ुश नहीं है। वे दबी जुबान विरोध भी कर रहे हैं। गुस्से में तो कर्मचारी भी है, लेकिन वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं। बात साफ है कि कुल गुरु की सख्ती से जल्द ही विश्वविद्यालय में आंदोलन प्रदर्शन भी होते नजर आएंगे।

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