चंडीगढ़ सेक्टर 34 के मेला ग्राउंड में चल रहा किसान आंदोलन आज खत्म हो जाएगा। किसान महापंचायत के बाद इसका एलान करेंगे। इसी बीच किसानों ने अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया है।सीएम के साथ बैठक में हुई मांगों पर चर्चा
इससे पहले गुरुवार को किसानों और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच ढाई घंटे तक चली बैठक में किसानों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इसके बाद फैसला लिया गया कि सरकार 30 सितंबर तक किसानों के साथ नई कृषि नीति का ड्राफ्ट साझा करेगी। इसके अलावा कर्ज में राहत के लिए सरकार वन टाइम सेलटमेंट (ओटीएस) स्कीम लेकर आएगी। इसके साथ ही सरकार किसानों पर दर्ज केस वापस लेने के लिए तैयार हो गई है।
इन मांगों पर बनी सहमति
बैठक में किसानों से 10 प्रतिनिधि, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बिजली मंत्री हरभजन सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में किसानों व मजदूरों से संबंधित कुल 70 मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किसानों के साथ अच्छे माहौल में बैठक हुई और उम्मीद है कि वे अपना आंदोलन वापस ने लेंगे। किसानों पर दर्ज केस वापस लेने पर भी सहमति बन गई है। जिन केसों पर कानूनी राय की जरूरत है, उन्हें एडवोकेट जनरल (एजी) के पास भेजा जाएगा। कृषि नीति के ड्राफ्ट में जो मुद्दे शामिल करने से रह गए हैं, उनको किसानों के सुझावों के बाद शामिल किया जाएगा। इसके बाद नीति को लेकर दोबारा किसानों के साथ बैठक बुलाई जाएगी और इसे लागू किया जाएगा।
सरकार हमारी मांगों पर एक कदम आगे बढ़ी: उगराहां
बैठक के बाद बीकेयू (उगराहां) के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर एक कदम आगे बढ़ी है और यही हमारा मकसद था। लंबित कृषि नीति लाने पर भी सरकार राजी हो गई है। चंडीगढ़ से मोर्चा हटाने को लेकर आज सभी जत्थेबंदियों की बैठक हो रही है। उगराहां ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के कारण बुड्ढा नाले का पानी प्रदूषित हो रहा है। इस पर भी चर्चा की गई। सीएम मान ने कहा है कि वह एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम करेंगे। बैठक में मजदूरों को मुआवजा, उनकी समस्याएं हल करने पर उचित फैसले लेने पर भी मंथन किया गया।
आत्महत्या के मामलों में मुआवजे के रद्द मामलों पर होगा पुनर्विचार: मान
सीएम मान ने कहा कि सरकार किसानों के सभी मुद्दों को हल करने के लिए बचनबद्ध है। कृषि नीति में किसानों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। आत्महत्या को लेकर किसानों व मजदूरों के आत्महत्या के मामले में मुआवजे के रद्द केसों पर दोबारा विचार किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरतमंद लोगों को पांच मरले के प्लॉट दिए जाने वाले मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। तीन से छह महीने के अंदर ऐसे सभी प्लॉटों से नाजायज कब्जे भी हटाए जाएंगे। सीएम मान ने पशुओं की मौत पर मुआवजे, गिरते भूजल स्तर, पानी के प्रदूषण व बुड्ढे नाले के समस्या का समाधान करने का भी भरोसा दिया।

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