जबलपुर। भोपाल-जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में फर्जी दस्तावेजोंं के आधार पर पुल-पुलिया निर्माण का टेंडर लेते हुए निर्माण करने वाली ‘मेसर्स एलएन मालवीय इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के संचालक एलएन मालवीय निवासी भोपाल सहित सजल उपाध्याय तत्कालीन एई एनडीबी पीडब्ल्यूडी भोपाल, एमपी सिंह तत्कालीन एसई पीडब्ल्यूडी भोपाल, नरेंद्र कुमार तत्कालीन डायरेक्टर पीडब्ल्यूडी भोपाल, आरएन मिश्रा तत्कालीन फायनेंशियल एडवायजर एनडीबी एमपी पीडब्ल्यूडी भोपाल के विरूद्ध ईओडब्ल्यू ने धारा 420, 467, 468, 471, 472, 120 (बी) एवं धारा 7 (सी) भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मुख्यालय भोपाल को तहसीन खान निवासी 189, जिंसीमेंदा मिल रोड भोपाल ने शिकायत में बताया है कि मध्यप्रदेश एवं मुख्य जिला मार्गों पर पुलों के निर्माण हेतु सुपर विजन कन्सल्टेंसी जबलपुर 2 के कार्य हेतु कन्स्ट्रशन कंसलटेंट एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा.लि. भोपाल की निविदा को स्वीकृत कर कार्य करने के लिए एलओए जारी किया गया था। उक्त निविदाओं का न्यूनतम मूल्य 12 करोड़ 25 लाख रुपए था, परन्तु एनडीबी डायरेक्टर द्वारा कंसलटेंट को लाभ पहुंचाने के लिए मापदंड अपने अनुसार तय किए गए, जो टेण्डर की निविदा में उल्लेखित नही थे। मेसर्स को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए यहा टेण्डर 17 करोड़ 71 लाख में आवंटित कर दिए गए।

उक्त टेंडर में दिनांक 23 मई 2023 तक 26 करोड़ 11 लाख रुपए का भुगतान कर शासन को 13 करोड़ 86 लाख रुपए का नुकसान शासन को पहुंचाया जा चुका है, और आज दिनांक तक भी हर माह लगभग 20 लाख का अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है। दस्तावेजों के अवलोकन से स्पष्ट है कि मेसर्स एलएन मालवीय इंफ्रा द्वारा निविदा प्राप्त होने के पश्चात एग्रीमेंट के समय को बदल दिया गया। निविदा प्राप्त होने के पश्चात निम्न अर्हता धारण करने वाले इंजीनियर नियुक्त कर कार्य करने में समर्थ नहीं थे,जिससे ब्रिज के सुपरविजन का कार्य प्रभावित हुआ है।

मृत नोटरी की सील-साइन का उपयोग-
 बताया जाता है कि एग्रीमेंट के समय जिस नोटरी की सील साइन का उपयोग मेसर्स एलएन मालवीय इंफ्रा प्रा.लि. द्वारा 15 मई 2019 को किया गया है, वह भी फर्जी है, क्योंकि नोटरी खलीउल्लाह खान की 22 जनवरी 2018 को मौत चुकी थी। नोटरी की मृत्यु के पश्चात भी नोटरी की सील साइन का उपयोग किया गया है। मेसर्स एल.एन. मालवीय इंफ्राप्रा.लि. के पदाधिकारियों द्वारा सम्पूर्ण फर्जी दस्तावेज लगाकर निविदा प्राप्त की गई हैं।  
रसीदों के क्रमांक पर किया लफड़ा-
मेसर्स एलएन मालवीय इंफ्रा प्रा.लि द्वारा टेंडर प्राप्त करने के लिए संलग्न की गई आईआरसी की जो रसीदें लगाई गई है वह भी फर्जी एवं नकली है। आईआरसी की रसीद पुस्तिका में केवल 100 रसीदें होती हैं। इस क्रमांक के बाद की रसीदें जारी नहीं की जाती है, इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा एलएन मालवीय को अवैध आर्थिक लाभ देने की दृष्टि से अधिकतम अंक देकर टेंडर स्वीकृत कर दिया गया।

इनका कहना है 
निर्माण कार्य का टेंडर लेने कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तोवेजों का उपयोग किया है। एलएल मालवीय सहित अन्य पर प्रकरण दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच-पड़ताल की जा रही है।
आरडी भारदृाज, एसपी ईओडब्ल्यू जबलपुर ईकाई