मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज
अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं...मुख्यमंत्री का ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज रंग ला
रहा है...जमीनी हकीकत और छत्तीसगढ़ के लोगों की जरूरतों से जुड़ी उनकी
योजनाओं ने पुरखों के सपनों के ‘नवा छत्तीसगढ़‘ गढ़ने की परिकल्पना को धरातल
पर साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उनके पिछले पौने पांच साल के कार्यकाल की
सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे छत्तीसगढ़िया गौरव और स्वाभिमान को जगाने में कामयाब
रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रारंभ
किए गए नवाचारों ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया और सराहना पायी। नवाचारों को
दूसरे राज्यों अपनाने के लिए आगे आ रहे है। संसदीय समितियों और नीति आयोग ने भी
छत्तीसगढ़ के इन नवाचारों की सराहना की है। सुराजी गांव योजना, नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना, गोबर खरीदी की गोधन न्याय
योजना, राजीव
गांधी किसान न्याय योजना, राजीव
गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना जब प्रारंभ हुई थीं, तब लोगों ने इनकी सफलता पर
बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाया था, लेकिन
इन योजनाओं को लागू करने में मुख्यमंत्री के दृढ़ संकल्प ने योजनाओं की सफलता ने
नया कीर्तिमान बनाया है...
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में लागू की गई न्याय योजनाओं से बड़ा
बदलाव आया है। किसानों, मजदूरों, ग्रामीणों, पशुपालकों और गरीबों की जेब
में सीधे पैसे डालने की योजनाओं से लोगों की आर्थिक स्थिति और जीवनस्तर में सुधार
हुआ है, उनकी
क्रय शक्ति में बढ़ोत्तरी हुई है। जिससे छत्तीसगढ़ के बाजारों की रौनक बढ़ी और उद्योग
और व्यापार के क्षेत्र में उत्साहजनक वातावरण बना है। नीति आयोग द्वारा हाल ही में
जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच सालों में छत्तीसगढ़ में 40 लाख लोग गरीबी के दायरे से
बाहर आए हैं। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि
मजदूर न्याय योजना, गोधन
न्याय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री
के रूप में शपथ लेने के बाद भूपेश बघेल ने सबसे पहले किसानों से किए गए कर्जमाफी
का वायदा निभाया और किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की। राज्य के किसानों के 9270 करोड़ रुपए से अधिक के कृषि ऋण अदायगी में छूट दी गई।
इसके साथ ही 244 करोड़ रुपए का सिंचाई कर भी माफ किया गया।
किसानों से 2500
रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का
वादा किया गया था। समर्थन मूल्य के अलावा अंतर की राशि को राजीव गांधी किसान न्याय
योजना लागू कर आदान सहायता के रूप में प्रदान किया जा रहा है।
वनवासियों के लिए आय
में वृद्धि का स्रोत बढ़ाने सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली लघुवनोपजों की संख्या को
सात से बढ़ाते हुए 65
प्रकार के लघुवनोपज तक कर दी गई है।
तेंदूपत्ता के समर्थन मूल्य में बड़ी वृद्धि करते हुए 2500 रुपए से 4000 हजार रुपए तक किया गया। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 5 अगस्त 2020 को शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना की
शुरुआत की गई। इसमें 4555
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 31 मार्च 2022 की तारीख तक 63
करोड़ 43 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया गया है। आदिवासियों की लोहाण्डीगुड़ा
में टाटा समूह द्वारा 4200
एकड़ अधिगृहीत जमीन वापसी कराई गई।

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