छत्तीसगढ़ के कई जिलों में डेंगू ने स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ा दी है...बिलासपुर में डेंगू के 11 नये मरीज सामने आये हैं...एक साथ इतने मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है...ये ज्यादातर मरीज ग्रामीण इलाकों के हैं...वहीं

दुर्ग जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 100 के पार हो गई है...जिससे पिछले 3 साल का रिकॉर्ड टूट गया है... 101 डेंगू मरीजों में 18 मरीजों का इलाज जारी है...टाउनशिप में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज हैं...स्वास्थ विभाग की टीम घर घर जाकर सर्वे कर रही है..बतादें कि रायपुर में डेंगू से एक मौत भी हुई है....डेंगू से राजधानी में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है...स्कूलों में बच्चों को जागरुक करने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी गई है....बच्चों के माध्यम से डेंगू के खतरे का संदेश घर-घर पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा... रायपुर CMHO मिथलेश चौधरी ने बताया की अंबेडकर अस्पताल और जिला अस्पताल में 30-30 बेड के दो वार्ड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं... उन्होंने कहा की तीन दिन होने के बाद भी अगर बुखार नहीं उतर रहा है तो घर पर रहकर इलाज न कराएं। ऐसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती होकर टेस्ट करवाना ही बेहतर होगा। डेंगू में दवा लेने से बुखार उतर जाता है इसलिए लोग घर पर रहकर इलाज करवाते हैं। पर तीन दिन से ज्यादा समय इंतजार नहीं करना चाहिए।

कैसे करें बचाव

मच्छर के काटने से डेंगू फैलता है...इसलिए अपने घर के आस-पास पानी ना जमा होने दें...खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छरदानी और स्क्रीन का प्रयोग करें...अपने रहने की जगह को साफ रखें और कचरे का उचित तरीके से नष्ट करें मच्छरों के आराम करने वाले क्षेत्रों को कम करने के लिए झाड़ियों और झाड़ियों को ट्रिम करें...बाहर जाते समय लंबी बाजू के कपड़े, पैंट और मोज़े पहनें...हल्के रंग के कपड़े भी मच्छरों को भगाने में मदद कर सकते हैं