अनमोल संदेश, गुना
निजी विद्यालयों और प्रकाशकों द्वारा साठगांठ करके विद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें क्रय करने के लिए अभिभावकों को बाध्य किया जा रहा है।
इस कारण अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढऩे के साथ ही बच्चों पर भी शारीरिक और मानसिक बोझ बढ़ता जा रहा है। जिससे बच्चों के कमर दर्द, कन्धों में दर्द और चिड़चिड़े होने की शिकायतें ग्राहक पञ्चायत के कार्यकर्ताओं को लगातार प्राप्त हो रही थीं। जिसमें एक शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों के बस्तों का वजन किया गया तो बस्तों का वजन शासन द्वारा निर्धारित वजन से बहुत अधिक निकला। इस सम्बन्ध में ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ता बस्तों का बोझ कम करने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्यवाही के लिए संपर्क करेंगे। इसमें अलंकार वशिष्ठ, रामकृष्ण रघुवंशी, प्रदीप तलवार, सुनील शर्मा, संजय रघुवंशी, राहुल पाण्डे, नीरू शर्मा, प्रीति गोयल, पुनीत राय, वि_ल अहिरवार, अजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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