आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। पिछले डेढ़-दो माह से जेएमसी सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन्म-मृत्यु पोर्टल ठप पड़ा है। पुराना सॉफ्टवेयर जहां चंद घंटो में सर्टिफिकेट बनाकर दे देता था तो अब नए साफ्टवेयर को वही प्रोसेस पूरी करने में कई दिन लग रहे हैं। आलम यह है कि एक दिन में महज दो से तीन प्रमाणपत्र ही बन पा रहे हैं। जिससे लोगों को तो परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा है साथ ही इस काम को देखने वाले निगम कर्मी भी परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कुछ लोग तो साफ्टवेयर की गड़बड़ी को समझ रहे हैं लेकिन कई ऐसे भी आते हैं जो कुछ भी समझने को तैयार नहीं होते और विवाद की स्थिति बनती है।
किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं होगा
जन्म मृत्यु पोर्टल के प्रभारी सुधारी यादव ने बताया कि नए सॉफ्टवेयर में कुछ खामियां हैं, जिन्हें भोपाल स्तर से दूर करने क प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जिस साफ्टवेयर से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जाते थे, उस तक एक्सिस सरल थी लेकिन नया साफ्टवेयर ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि सर्टिफिकेट बनने से पहले चार बार संबंधित के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके साथ सर्टिफिकेट कहीं बाहर से नहीं निकाला जा सकेगा, बाहर यदि कोई व्यक्ति साइट खोलता भी है, तो उसे प्रमाणपत्र दिखेगा तो लेकिन प्रिंट नहीं निकलेगा, न ही उसमें बारकोड दिखेगा।
बढ़ जाएगी पेंडेंसी
जानकारों का कहना है कि यदि सॉफ्टवेयर इतना स्लो ही वर्क करता रहा तो पेंडेंसी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। सर्टिफिकेट के लिए इतना लंबा इंतजार करने से लोगों को जरुरी काम भी अटक रहे हैं। विशेषतौर पर जिनके परिजनों के मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं, उन्हें खासी परेशानी हो रही है। ऐसे कई परिवार पेंशन प्रकरण सहित कई अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

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