अनमोल संदेश, संतनगर
नगर निगम ने संतनगर जोन के वार्ड तीन में मवेशियों को बाहर करने के लिए नोटिस थमाए हैं। 15 जनवरी तक ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन 15 मई आने को है, एक भी तबेला नहीं हटा है।
वार्ड तीन के बैरागढक़लां, भैंसाखेड़ी और कोलूखेड़ी समेत कई इलाकों में बड़े पैमान पर डेरियां हैं। यहां पाले जा रहे मवेशियों से गंदगी और गोबर के ढेर से दुर्गंध उठती रहती है। दूध लेने के बाद दिन में डेरियों से मवेशी छोड़े जाते हैं, जो एक्सीडेंट की वजह बन रहे हैं। नगर निगम सीमा में होने के बाद भी इन इलाकों की सूरत ग्रामीण जैसी है। बड़ी संख्या में लोग मवेशी पालन कर रहे हैं।
आए दिन होते हैं एक्सीडेंट
बैरागढक़लां, भैंसाखेड़ी और कोलूखेड़ी में डेरियों का संचालन होने से गंदगी और आए दिन मवेशियों से टकराने की घटनाएं हो रही हैं। सुबह-शाम मवेशियों के झुंड के झुंड निकलते हैं, जो रास्ते भर गोबर करते हैं, जिससे दुर्गंध उठती रहती है। डेरी स्थलों पर स्वच्छता का खास ख्याल नहीं रखा जाता।
15 जनवरी तक का दिया था समय
नगर निगम सीमा में आने के कारण यहां डेरी चला रहे लोगों को नगर निगम 15 जनवरी तक हटने को लेकर नोटिस जारी किए थे, लेकिन आज तक न तो पशु पालकों ने मवेशी हटाए हैं, न निगम ने कोई कार्रवाई की है। तबेले संचालकों ने नोटिस मिलने पर कहा था, कुछ नहीं होगा। इससे पहले भी कई बार इस तरह के नोटिस दिए जाते रहे हैं। डेरी से उनकी रोजी रोटी चलती है। दूर विस्थापन होगा तो भी रोजी रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।

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