आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। बजट बैठक के पहले दिन कचरा कलेक्शन को लेकर हुए बवाल के बाद आज दूसरे दिन सदन की शुरुआत में ही मेयर ने विपक्ष को नसीहत दे दी। उन्होंने कहा कि कल जो परिस्थितियां निर्मित हुई वो पहले कभी नहीं हुर्इं। हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि आंदोनल सड़कों पर होते हैं न ही सदन में। महापौर ने बड़ी ही नरम लहजे में विपक्ष को चेतावनी दी कि यदि आप यहां युवक कांग्रेस वाली वर्किंग करने आए हैं तो हम भी युवा मोर्चा की तरह वर्किंग कर सकते हैं। वे बोले कि जो भी शब्द व्यक्तिगत उनके लिए बोले गए उससे उन्हें तकलीफ नहीं हुई लेकिन सदन की अपनी एक गरिमा होती है, जिसका ख्याल रखना चाहिए। मेयर की नसीहत का जबाव देने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि कल ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जो कि अमर्यादित हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बैठक बजट पर चर्चा के लिए आहूत की गई थी लेकिन शहरवासी एक बहुत बड़ी समस्या का सामना कर रहे थे, ऐसे में उस पर चर्चा करना जरुरी था। उन्होंने कहा कि जनहित पर चर्चा करना ही हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने मेयर पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपको भी अपने गिरेबां में देखना चाहिए कि आपकी शब्दशैली क्या है।
हर बात हो गरिमापूर्ण-
विवाद बढ़ता देख भाजपा के वरिष्ठ पार्षद कमलेश अग्रवाल ने सदन की अपनी एक गरिमा होती है, जिसका ख्याल रखना जरुरी है। उन्होंने कचरा कलेक्शन को लेकर कहा कि कहीं कोई अव्यवस्था नहीं थी, नगर निगम ने अपने स्तर पर कचरा कलेक्ट कराया, जिससे लोगों को परेशानी नहीं हुई। उन्होंने अमरीष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज आप खुलकर आरोप लगा रहे हैं लेकिन डेढ़ साल तक जब आप सत्ता में थे तो आप कितने पार्षदों से फोन यह पूछते थे कि आपके वार्ड में सफाई व्यवस्था के हालात क्या हैं।
गौवंश वाली बात का समर्थन-
पार्षद मनीष पटेल ने मंगलवार को सदन में मृत गौवंश उठाने लिए लगने वाले शुल्क को लेकर मुद्दा उठाया था, जिनकी बात का समर्थन करते हुए मेयर ने कहा कि इस विषय पर चर्चा कर ऐसी व्यवस्था की जाएगी, ताकि मृत गौवंश उठवाने में किसी प्रकार की समस्या न हो।
मंदिर बनाने से पहले व्यवस्था करें-
पार्षद शफीक हीरा ने बजट में प्रस्तावित भारत माता के मंदिर को लेकर कहा कि यह संस्कारधानी के लिए गौरव की बात है लेकिन इससे मंदिर बनने से पूर्व जिस स्थान पर मंदिर बनना है, वहां ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं कि जल प्लावन की स्थिति निर्मित न हो, ताकि दर्शन के लिए आने वालों को कोई श्रृद्धालुओं को तकलीफ न हो।
बजट 15 अरब का लेकिन तन्खा नहीं देंगे......
आज बजट बैठक के शुरु होने से सदन के बाहर खड़े होकर कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच यह चर्चा थी कि बजट तो 15 अरब का पेश किया गया है लेकिन आउटसोर्स वालों को पेमेंट करने के लिए पैसा नहीं है। उनका कहना था कि आज 10 तारीख हो चुकी है लेकिन जिम्मेदारों को जरा भी फिक्र नहीं है कि आउटसोर्स वाले अपना घर कैसे चला रहे होंगे। बता दें कि पिछले माह भी 15 तारीख के बाद ही पेमेंट की गई थी।
झलकियां
* कई बार बजट पर चर्चा से भटका सदन।
* शेरो-शायरी का दौर भी चला।
* अधिकारियों पर बात यहां से वहां करने के आरोप।
* थूक लगाकर पेपर देने पर बवाल।
* सफाई व्यवस्था की फोटो दिखाकर बयां की हकीकत।
* कल की तुलना में आज शांतिपूर्वक चल रहा सदन।
https://youtu.be/8KC11iMf2tQ

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