अन्तागढ़। पूरे छत्तीसगढ़ में 2723 जिसमे बस्तर संभाग से 558 शिक्षकों की संसोधित पदस्थापना निरस्त कर दी जाती है। कहा गया कि अंदरूनी गांव में पदस्थ शिक्षकों द्वारा अफसरों से सांठगांठ करते हुए धनबल के सहारे स्वयं को शहरी क्षेत्रों में अटैच कराने कोशिश हुई थी, जिसमे 2723 शिक्षकों की संसोधित सूची निरस्त करते हुए विभागीय कार्यवाही की जा रही है। पूरे छत्तीसगढ़ में ऐसे शिक्षकों को कोयलीबेड़ा ब्लॉक के बेहद अंदरूनी, संवेदनशील तथा पहुंचविहीन गांव केसेकोड़ी खासपारा में पदस्थ लक्ष्मी नेताम से सबक लेने की जरूरत है। जो पिछले 15 सालों से रोजाना नदी नालों को पार करते पढ़ाने पहुंच रही हैं। लक्ष्मी नेताम 2008 में यहाँ शिक्षिका बनीं। पहली पोस्टिंग कोयलीबेड़ा के अंदरूनी गांव केसेकोड़ी खास पारा में हुई। जहां विगत 15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही हैं... कमर भर से ऊपर नदी को पार करते हुए एक शिक्षिका की तस्वीर सोसल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है..

शिक्षिका कोयलीबेड़ा से 8 किमी दूर केसेकोड़ी स्कूल जाती हैं...यहां पहुंचने से पहले जंगल के रास्ते केसेकोड़ी नाला पार करना होता है, जहां पुल नहीं है कमर तक पानी में नाला पार करती हैं। आगे का डेढ़ किमी पैदल तय करती हैं...