आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) के 70 पदों को उच्च शिक्षा विभाग ने एक झटके में खत्म कर दिए हैं। जिसके बाद विश्वविद्यालय में कुल स्वीकृत पदों की संख्या सिमटकर करीब 508 हो जाएगी। दरअसल, 1997 में तत्कालीन विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना राजभवन से स्वीकृति लिए 70 नए पदों का सजृन कर लिया था। वहीं सृजित किए गए पदों के विरूद्ध भर्तियां भी कर ली गई थीं।

जिसको लेकर 2023 में विधानसभा प्रश्न तत्कालीन विधायक जालम सिंह पटैल द्वारा लगाया गया था। जिसके बाद उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ता से मिले दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने जांच शुरू करी तो बड़ा भर्ती घोटाला सामने आ गया। जांच में वर्तमान कुलगुरू प्रोफेसर राजेश वर्मा ने भी काफी सहयोग किया। जिसके चलते दूध का दूध और पानी-पानी हो गया।

आदेश में स्पष्ट लिखा है कि राज्य सरकार, विभागीय स्वीकृति के बिना वर्ष 1991 के उपरांत विश्वविद्यालय में सृजित किए गए विभिन्न 70 पदों को निरस्त करता है। साथ ही आदेश तत्काल प्रभावशील होने की बात कही गई है।

इस आदेश का व्यापक असर पडेÞगा-

जानकारों का कहना है कि जिन 70 पदों को निरस्त किया गया है। उनकों जोड़कर ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की नियमित किया है व बैकलॉक भर्ती भी की है। यदि उक्त 70 पदों को हटाया जाए तो रोस्टर से लेकर हर स्तर पर व्यापक बदलाव होगा। बात साफ है कि 70 पदों के खत्म होते ही अनकों आधार मानकर जो अन्य निर्णय लिए गए थे,भविष्य में उनकों लेकर भी कानूनी अड़चने खड़ी होंगी।