आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने स्वयं के लेख और विचार से जुड़े दस्तावेज देख कर खुश हो गए। अवसर था राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीक के परिवार के साथ हुई उनकी मुलाकात के क्षणों का। श्रीमती बाल्मीक ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा लिखे गए लेखों और विचारों को एकत्र कर उन्हें अपने शब्दों में ढाल उन्हें पेश किया था। यह सामग्री प्रधामंत्री नरेंन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर लोस-रास के द्वारा प्रस्तुत डाक्यूमेंट्री में भी थे। बाद में एक टीवी चैनल ने भी इन्हें प्रसारित किया था। श्रीमती बाल्मीक ने मुलाकात के दौरान यह सामग्री श्री मोदी को भेंट की।
श्रीमती बाल्मीक विगत दिवस प्रधामंत्री ने उनके कार्यालय में सपरिवार मिलीं। उन्होंने प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास ही नहीं था कि मुझे राज्यसभा जैसे सम्मानित सदन का सदस्य बनाया जाएगा। इस पर प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि ये एक कार्यकर्ता के कार्य का सम्मान है। आप कार्यकर्ता भाव से पार्टी की सेवा करते हुए समाजसेवा में सक्रिय रहीं। पार्टी ने आपके श्रम को देखा और अनुभव किया।
श्रीमती बाल्मीक ने बताया कि उनके गुरु स्वामी राघवदेवाचार्य ने उनसे आग्रह किया था कि वे प्रधामंत्री से मिलना चाहते है। इस पर उन्होंने एक मेल पीएमओ को किया। जवाब में पीएमओ द्वारा कहा गया कि आप भी 18 दिसंबर को श्री मोदी से सपरिवार मिलें। श्रीमती बाल्मीक के मुताबिक 18 को परिवार को बुलाना संभव नहीं था। इस पर उन्होंने अगले दिन के लिए आग्रह किया और परिवार और स्वामी जी को नागपुर होते हुए दिल्ली आने कहा। परिवार के आते ही श्री मोदी उनसे बड़े आत्मीय भाव से मिले।
श्रीमती बाल्मीक ने बताया कि नरेंद्र मोदी से सपरिवार भेंट करना और उनका आशीर्वाद और स्नेह प्राप्त करना भाग्य की बात थी। उन्हें ऐसा लगा जैसे उनका कोई बड़ा सपना पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री से भेंट करने के बाद सुमित्रा ने बताया के पीएम मोदी की विनम्रता, अटूट समर्पण और जनसेवा की भावना ने दिल जीत लिया, जोकि मेरे लिए एक प्रेरणादायी पल रहा। इस मुलाकात में उनके साथ जगदूरु स्वामी राघवदेवाचार्य, सुपुत्र रूपेश बाल्मिक, भाई खेमराज महरोलिया, बहु सुषमा बाल्मिक, दोनों पौत्र हिमांश और हैली भी उपस्थित रहे। बेटों से श्री मोदी ने कहा कि वे खूब पढ़ें और आगे बढ़ें।

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