आर्य समय संवाददाता जबलपुर। 18 जनवरी को कैंट व कोतवाली थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिस वाला बनकर महिलाओं से गहने उतारकर ठगी करने वाले आरोपियों के ठिकाने तक जबलपुर पुलिस पहुंच गई। ठग नांदूरा महाराष्ट्र थे। पुलिस ने ठग गिरोह के ठिकाने से साढे चौदह तोला सोने के जेवर भी बरामद कर लिए हैं। हालांकि कि आरोपी अभी भी फरार है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शेण्डे ने बताया कि 18 जनवरी को कैंट थाना अंतर्गत एपीआर कालोनी कटंगा निवासी  विनय कुमारी टाटिया उम्र 79 वर्ष से ठगों ने सोने की चार चूड़ी, एक मंगलसूत्र उत्तारकर उन्हें नकली जेवर थमा फरार हो गए थे। 

उसी दिन उक्त मोटर साइकिल सवारों के द्वारा थाना कोतवाली में बहन के साथ घर से लार्डगंज जैन मंदिर जा रही श्रीमती ज्योति जैन उम्र 57 वर्ष को भी ठगों ने खुद को पुलिस वाले होना उनसे  2 सोने के कंगन. एक सोने की चैन एवं 2 अंगूठी उतारवा लिए थे।

उक्त दोनों ठगी के मामलों में जांच के दौरान पतासाजी करने पर संदेहियों के सिवनी की ओर जाने की जानकारी मिलने पर टीम सिवनी रवाना की गयी। सिवनी पहुंचकर पतासाजी करने पर संदेहियों के नंदूरा भुसावल की ओर जाने की जानकारी मिलने पर थाना नंदूरा महाराष्ट्र पहुंचकर पतासाजी करने मोटे व्यक्ति की पहचान भीरू ईरानी के रूप में हुई। जिसके सम्बंध में ज्ञात हुआ कि शराब पीने का आदी है एवं लोगो से धोखाधडी कर पुलिस वाला बनकर सोने चांदी ले लेता है।

थाना नंदूरा पुलिस के साथ भीरू ईरानी के डेरे में दबिश देने पर भीरू ईरानी नहीं मिला। भीरू के पिता मनहर अली ईरानी मिला। जिसे फोटो दिखाने पर मोटे व्यक्ति की पहचान अपने बेटे अमजद अली ईरानी उर्फ भीरू एवं साथी की पहचान विन्ना उर्फ मोहम्मद अली के रूप में की।डेरे की तलाशी ली गयी तो डेरे के पास ही लगे नीम के पेड के नीचे एक पॉलीथीन में सोने की 4 चूड़ी, 2 कंगन, 1 मंगलसूत्र, 1 चैन, 2 अंगूठी रखी हुई मिली। 

फरार आरोपी-

1- अमजद अली उर्फ सुल्तान उर्फ गब्बर अली उर्फ भीरू ईरानी पिता मनहर अली ईरानी उम्र 45 वर्ष निवासी अनवर कालोनी वार्ड न. । रेल्वे स्टेशन के के पीछे थाना नांदूर महाराष्ट

2-विन्ना तर्फ मोहम्मद अली पिता सिराज अली ईरानी उम्र 40 वर्ष निवासी स्कूल न. 3 के पीछे ईमामबाड़ा के सामने रजा चौक थाना बाजार पेठ मुसावल